Sai Ram: श्री सत्य साईं बाबा जिनका मूल मंत्र; ‘सबसे प्रेम – सब की सेवा’ जिनके सभी अस्पतालों में मरीजों को भी भगवान (साईं राम) कहकर संबोधित किया जाता है। परम पूज्य बाबा का 23 नवंबर 2025 को पुट्टपर्थी, आंध्र प्रदेश में जन्म शताब्दी समारोह मनाया जाएगा जहां दुनिया भर से 15 लाख श्रद्धालु एवं देश के PM-CM समेत 130 देशों के प्रतिनिधि करेंगे शिरकत।

उक्त अवसर पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों ने 100वें जन्मदिवस को राजकीय उत्सव घोषित किया है। बताते चलें कि उक्त भव्य और विहंगम समारोह में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है।
श्री सत्य साईं स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सी. श्रीनिवास ने बाबा के शताब्दी जन्मोत्सव के पावन अवसर पर मीडिया को बताया कि बाबा के अद्भुत कृपा से श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल, रायपुर ने एक ही दिन में 1,758 मरीज़ों को पूरी तरह निःशुल्क उपचार देकर एक और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है।
बाबा के दिव्य दृष्टि का देन है कि उनके अनुपस्थिति में भी दुनिया में करोड़ों लोग उनके उपदेशों से प्रभावित, 130 देशों में 1200 से अधिक सत्य साईं केंद्र है जहां उनके सारे सपनों एवं उनके सारे मानवीय सोच को निर्विरोध रूप से कृतज्ञतापूर्वक संपन्न किए जा रहे हैं।

वहीं श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर के पीआरओ अजय कुमार श्रॉफ ने बताया कि श्री सत्य साईं बाबा का जन्म 23 नवंबर 1926 को पुट्टपर्थी नामक एक ग्राम में श्री वेंकप्पा राजू और ईश्वरम्मा के घर हुआ था। जिन्होंने 14 वर्ष की आयु में ही ‘सबसे प्रेम- सबकी सेवा’ के अपने मिशन की शुभारंभ कर दी थी।
श्री श्रॉफ ने संजीवनी अस्पताल, को लेकर कहा कि यह भारत का सबसे पहला शिशु हृदय रोग निदान केंद्र है जिसकी आधारशिला 24 अप्रैल 2011 को भगवान बाबा की महासमाधि के बाद 23 नवंबर 2011 को रखी गई थी। अब तक इन अस्पतालों में लगभग 4 लाख मरीज़ परामर्श के लिए आ चुके हैं और 38,000 से ज़्यादा सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की जा चुकी हैं। अब तो आलम यह है कि छत्तीसगढ़ को पूरे दुनिया में सत्य साई संजीवनी से जाना; जाने लगा है।
वे बोले सत्य साई संजीवनी महज एक अस्पताल नहीं बल्कि आरोग्य का मंदिर है। जहां दिन की शुरुआत दैनिक प्रार्थना से होती है और जीवनका उपहार के साथ समाप्त होती है। पीआरओ अजय कुमार श्रॉफ बोले इस अस्पताल में शताब्दी समारोह की शुरुआत पवित्र साई माह नवंबर के प्रथम दिन भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से हुई।
उन्होंने संजीवनी को प्रेम और करुणा का केंद्र बताया। श्री मोदी बोले वास्तव में सत्य साई संजीवनी अस्पताल विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत में सराहनीय योगदान दे रहा है। गौरतलब हो कि बाबा के महासमाधि के बाद यह सबसे बड़ा समारोह है 140 देशों के लोग जुटेंगे। श्री सत्य साईं बाबा का जन्म शताब्दी समारोह 13 नवंबर से आरंभ होकर 24 नवंबर तक चलेगा। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के कस्बे पुट्टपर्थी में आध्यात्मिकता और उत्सव का माहौल है।
श्री सत्य साईं बाबा के जन्मस्थल पर उनका जन्म शताब्दी समारोह धूमधाम से मनाए जा रहे हैं। समारोह में 140 देशों के भक्त पहुंचेंगे। 23 नवंबर को बाबा का 100वां जन्मदिन है। इस दिन भव्य उत्सव होगा। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का भी पदार्पण हो चुका है।
यहां अनेक अस्थायी आश्रय और छह हेलीपैड बनाए गए हैं। प्रबंध ट्रस्टी आरजे रत्नाकर के मुताबिक, यह ‘समारोह 140 देशों के भक्त मिलकर आयोजित कर रहे हैं। सत्य साईं बाबा ने 24 अप्रैल 2011 को महासमाधि ली थी। 27 अप्रैल को अंतिम संस्कार में 5 लाख लोग जुटे थे। प्रशांति निलयम उनका मुख्य आश्रम है। आज भी रोज हजारों तीर्थयात्री आते हैं।
उनकी शारीरिक अनुपस्थिति में भी उनका आंदोलन बढ़ रहा है। एक सदी पहले गोल्लापल्ली धूल भरा गुमनाम गांव था। पानी की कमी थी। आज, यह पुट्टपर्थी है और देश के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थलों में से एक है। पूरा श्रेय एक ही व्यक्ति सत्यनारायण राजू (श्री सत्य साईं बाबा) को जाता है। 1940 में उन्होंने खुद को शिर्डी साईं बाबा का अवतार घोषित किया। इसके बाद यह आध्यात्मिक अभिव्यक्ति भारत की सीमाओं के पार भी पहुंची। अनुमान है दुनिया भर में 10 करोड़ लोग उनके उपदेशों से प्रभावित हुए हैं।
130 देशों में 1,200 से अधिक सत्य साईं केंद्र हैं। पुट्टपर्थी एकमात्र भारतीय शहर है जहां लैटिन अमेरिका, पूर्वी यूरोप, मध्य पूर्व, उप-सहारा अफ्रीका से नए श्रद्धालु आते हैं। श्री सत्य साई बाबा के जन्मशताब्दी वर्ष के मौके पर प्रधानमंत्री पुट्टपर्थी पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि श्री सत्य साई बाबा का यह जन्मशताब्दी वर्ष हमारी पीढ़ी के लिए सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि एक दिव्य वरदान है। बाबा भले ही हमारे बीच दैहिक स्वरूप में नहीं हैं, लेकिन उनकी शिक्षा, उनका प्रेम और उनकी भावनाएं हमारा मार्गदर्शन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि सत्य साई बाबा का संदेश पुस्तकों से बाहर निकलकर देश-विदेश तक पहुंच चुका है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी अपने अनुभवों का साझा किया और बताया कि किस तरह उन्हें 2011 के विश्वकप में बाबा का आशीर्वाद मिला और उन्हें उसी वक्त यह महसूस हो गया था कि विश्वकप भारत ही जीतेगा। वहीं विश्व सुंदरी रही ऐश्वर्या राय बच्चन ने भी अपने संबोधन में कहा कि यहां सिर्फ एक ही जाति है – मानवता की जाति।
सिर्फ एक ही धर्म है- प्रेम का धर्म। सिर्फ एक ही भाषा है- दिल की भाषा और सिर्फ एक ही ईश्वर है- वह सर्वव्यापी है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि बाबा के अनुयायियों में उनकी शिक्षा दिखती है। उन्होंने मानवसेवा को ही ईश्वर की सेवा माना था। समारोह के एक भाग के रूप में पीएम मोदी ने पुट्टपर्थी में सत्य साई बाबा की महासमाधि पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने इस मौके पर साई बाबा के जीवन, शिक्षाओं और विरासत को सम्मान देते हुए एक स्मारक सिक्का और डाक टिकटों का एक सेट जारी किया।
—— साईं राम —–
{विशेष संवाददाता धनंजय कुमार}
