टाटा जूलॉजिकल पार्क :
टाटा ज़ू में लंबे समय से अकेले रह रही बाघिन सुनैना और सलोनी को जीवनसाथी की तलाश थी अब सुनैना और सलोनी की तलाश हुई खत्म। टाटा ज़ू प्रशासन ने 15 मार्च को नागपुर से दो बाघों को लाया है जिसे अभी 30 दोनों का क्वारंटीन में रखा गया है इसके पश्चात सुनैना और सलोनी के जीवनसाथी को सौंप दिए जाएंगे और वे हो जाएंगे एक दूजे के लिए। बताया जा रहा है कि टाटा ज़ू में बाघों की नई जोड़ी को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से विशेष मंजूरी मिली है।
यह अदला-बदली विशेष रूप से इस संकटग्रस्त प्रजाति के जोड़े बनाने और प्रजनन को बढ़ावा देने के लिए स्वीकृत की गई है, जिससे इन बाघों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक और अहम कदम बढ़ाते हुए, टाटा ज़ू अपने अगले एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट (महाबलीपुरम, तमिलनाडु) से चार मगरमच्छ (दो नर और दो मादा) प्राप्त करने के लिए तैयार है।
इसके बदले में, ज़ू अपने सहयोगी संस्थान को चार इंडियन स्टार कछुए (दो नर और दो मादा) प्रदान करेगा। मगरमच्छ, खासकर मार्श क्रोकोडाइल (मगर), आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा हैं। इनका टाटा ज़ू में आगमन न केवल यहां की जैव विविधता को समृद्ध करेगा, बल्कि आगंतुकों को मगरमच्छों के संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक करने में भी मदद करेगा। फिलहाल, ज़ू में केवल एक मगरमच्छ है,
और इस नई जोड़ी के आने से संरक्षण प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। टाटा ज़ू वन्यजीव संरक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए देशभर के चिड़ियाघरों और वन्यजीव संगठनों के साथ रणनीतिक सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है। अपनी विज़न और मिशन को साकार करने के लिए ज़ू सतत प्रयासरत है।