14 वर्ष के वनवास में भगवान श्रीराम प्रमुख रूप से 17 जगह रुके

जटायु उद्धार के बाद ऋष्यमूक पर्वत पर सुग्रीव और हनुमान से मिलन के बाद बनी बानर सेना

संजय त्रिपाठी/नवयुग समाचार

बिल्हौर: श्री बनखंडेश्वर मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री राम कथा के आठवें दिन अयोध्याधाम से पधारे जगतगुरु श्री राम दिनेशाचार्य जी महाराज ने प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास काल में विभिन्न जगहों के विषय में जानकारी दी। इस वनवास काल में श्रीराम ने कई ऋषि-मुनियों से शिक्षा और विद्या ग्रहण की, तपस्या की और भारत के आदिवासी, वनवासी और तमाम तरह के भारतीय समाज को संगठित कर उन्हें धर्म के मार्ग पर चलाया। जटायु उद्धार की कथा भावुक कर देने वाली रही। जहां आचार्य ने कहा कि भगवान ने कभी जातिवाद नहीं किया। सबको साथ लेकर चले। सभी पात्रों का उद्धार किया। संपूर्ण भारत को उन्होंने एक ही विचारधारा के सूत्र में बांधा, लेकिन इस दौरान उनके साथ कुछ ऐसा भी घटा जिसने उनके जीवन को बदल कर रख दिया।

रामायण में उल्लेखित और अनेक अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार जब भगवान राम को वनवास हुआ तब उन्होंने अपनी यात्रा अयोध्या से प्रारंभ करते हुए रामेश्वरम और उसके बाद श्रीलंका में समाप्त की। इस दौरान उनके साथ जहां भी जो घटा उनमें से 200 से अधिक घटना स्थलों की पहचान की गई है।
भगवान राम अयोध्या से बन गमन की यात्रा करते हुए तमसा नदी, श्रृंगवेरपुर तीर्थ, कुरई गांव (सिंगरौर में गंगा पार कर श्रीराम कुरई में रुके थे), प्रयाग, चित्रकूट, सतना, दंडकारण्य, पंचवटी नासिक, सर्वतीर्थ, पर्णशाला (आंध्रप्रदेश में खम्माम जिले के भद्राचलम में स्थित है), तुंगभद्रा, शबरी का आश्रम, ऋष्यमूक पर्वत (हनुमान और सुग्रीव से भेंट की), कोडीकरई, रामेश्‍वरम, धनुषकोडी, नुवारा एलिया पर्वत श्रृंखला तक गए।

आचार्य द्वारा भरत के खड़ाऊ लेकर वापस जाने के बाद भगवान द्वारा विभिन्न जगहों पर पहुंचते हुए ऋष्यमूक पर्वत पर पहुंचने और हनुमान मिलन तक की कथा का रसपान कराया।
आचार्य ने कहा कि हनुमान से मिलने के पहले भगवान राम ने कहा कि मैं जिससे मिलने जा रहा हूं वह महावीर हैं और महाप्रभु हैं। (जिसकी पुष्टि आचार्य ने रामायण की चौपाइयों और हनुमान चालीसा की पंक्तियों से की।) आचार्य ने कहा कि जो मानव का कार्य कर देते हैं उन्हें भगवान कहते हैं और जो भगवान का भी कार्य करते हैं उन्हें हनुमान कहते हैं।

आरती के पहले बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा सोनकर भी पहुंचे और जगतगुरु संत श्री राम दिनेशाचार्य जी महाराज और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्री राम कथा में बीच बीच में भजनों पर भक्त थिरकते हुए दिखे।

उक्त अवसर पर सुरेश गुप्ता, डॉ. मोहन शुक्ला, गोविंद अवस्थी, अजीत सिंह, उदय शंकर मिश्रा, आदर्श त्रिपाठी उर्फ विनीत बाबू, ब्रजेश कटियार, राजकुमार भदोरिया, महेंद्र कुशवाहा, अनिल अग्निहोत्री, विजय कटियार,अमित अवस्थी, बबलू कटियार, विजय तिवारी, रामू कटियार, पंकज त्रिपाठी, संजय त्रिपाठी, राजीव त्रिपाठी, सतीश चंद्र गुप्ता, अनुराग अवस्थी, मदन लाल गुप्ता, विवेक सविता, धर्मेंद्र कटियार एवं ऋषि गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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