दिल्ली में पत्रकारों के मुद्दों पर भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की महत्वपूर्ण चर्चा सम्पन्न
संवाददाता नवयुग समाचार
नई दिल्ली। भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की दिल्ली राज्य इकाई द्वारा राजधानी में पत्रकारों की समस्याओं, सुरक्षा और मान्यता से जुड़े अहम मुद्दों पर एक गंभीर चर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता संघ के दिल्ली अध्यक्ष धर्मवीर जारवाल ने की।इस चर्चा में दिल्ली सहित कई जिलों के वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया और अपने अनुभव, समस्याएँ तथा समाधान के सुझाव साझा किए।

पत्रकारों की बढ़ती परेशानियाँ—एक गंभीर चिंता
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा रहा कि आज के दौर में पत्रकार पहले से कहीं अधिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान उत्पीड़न, धमकियाँ, गलत मुकदमे, और आर्थिक असुरक्षा जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।पत्रकारों ने बताया कि कई बार सत्य को सामने लाने के प्रयास में उन्हें राजनीतिक, सामाजिक या प्रशासनिक दबावों का सामना करना पड़ता है, जो प्रेस की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है।
पत्रकारों पर हमले और संहार—सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
चर्चा में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और कई जगहों पर हुए संहार जैसे मामलों को भी प्रमुखता से उठाया गया।
अध्यक्ष धर्मवीर जारवाल ने कहा कि— “अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं होगा, तो समाज तक सच कैसे पहुँचेगा? पत्रकार की सुरक्षा असल में लोकतंत्र की सुरक्षा है।”
उन्होंने मांग की कि सरकार और प्रशासन पत्रकारों के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार करे और हमलों के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मान्यता को लेकर पत्रकारों की बड़ी चिंता
बैठक में यह मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया कि कई पत्रकार वर्षों से मेहनत और ईमानदारी से काम करने के बावजूद मान्यता (Accreditation) से वंचित हैं। इससे उन्हें सरकारी कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस, और प्रशासनिक कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।पत्रकार साथियों ने कहा कि मान्यता के मानदंडों को पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए ताकि ग्राउंड पर काम करने वाले वास्तविक पत्रकारों को सम्मान और सुविधा मिल सके।बैठक के अंत में कुछ अहम सुझाव पेश किए गए जिनमें पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की माँग, पत्रकारों पर हमलों के मामलों में फ़ास्ट-ट्रैक कार्रवाई,आर्थिक रूप से कमजोर पत्रकारों के लिए सहायता कोष, पत्रकारों को पारदर्शी ढंग से मान्यता प्रदान करना एवं
फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों के लिए विशेष पहचान पत्र और सुरक्षा गाइडलाइन जारी करना।दिल्ली अध्यक्ष धर्मवीर जारवाल ने कहा—”हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए है। हम दिल्ली से लेकर पूरे देश तक पत्रकारों की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे।” उन्होंने सभी पत्रकार साथियों को एकजुट रहने और दबावों से बेखौफ होकर सत्य के लिए काम करने का संदेश दिया। इस चर्चा में दिल्ली के प्रमुख पत्रकार सम्लित हुए राजेश अग्रवाल, शिव कुमार, प्रमोद चौहान, चन्दन सिंह, हिमांशु गुप्ता, रंजीत गुप्ता, जेडी गुप्ता, हीरा जारवाल, वंशिका जारवाल, व् अन्य साथी।
