रांची 22 दिसम्बर 25
रांची नगर निगम में आरक्षण रोटेशन के तहत अनुसूचित जाति के मेयर आरक्षण को समाप्त कर अब सिर्फ दो सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किए जाने के गंभीर मुद्दे पर आज आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के (केन्द्रीय उपाध्यक्ष ) विजय शंकर नायक ने झारखंड सरकार के संबंधित उच्च अधिकारियों को आधिकारिक ईमेल भेजकर कड़ा आपत्ति दर्ज कराई है।
उन्होंने ईमेल मुख्यमंत्री झारखंड (हेमंत सोरेन सरकार), राज्य निर्वाचन विभाग, नगर विकास विभाग तथा रांची डीसी कार्यालय को भेजा गया है, जिसमें साफ शब्दों में कहा गया है कि—“SC मेयर आरक्षण खत्म सिर्फ दो सीट — यह बदलाव नहीं, समुदाय को कमजोर करने की चाल है; अब यह अन्याय स्वीकार नहींहोगा ।”

यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के राजनीतिक अधिकार, प्रतिनिधित्व और सम्मान पर सीधा प्रहार है। संविधान के अनुच्छेद 243-T के अनुसार स्थानीय निकायों में अनुसूचित जाति को उनकी वास्तविक जनसंख्या अनुपात के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। इसके बावजूद आरक्षण घटाना लोकतांत्रिक भावना के साथ अन्याय है।
श्री नायक ने अपने भेजे गये ईमेल के माध्यम से संबंधित विभागों और हेमंत सरकार को स्पष्ट कहा है कि—
✔️ SC समुदाय के राजनीतिक अधिकारों से समझौता स्वीकार नहीं होगा।
✔️ यह निर्णय पुनर्समीक्षा योग्य ही नहीं, बल्कि सुधार योग्य है।
✔️ यह आरक्षण “बदलाव” नहीं बल्कि राजनीतिक कमजोर करने की सुनियोजित कोशिश प्रतीत होती है इसलिए SC मेयर आरक्षण समाप्त करने के निर्णय की तत्काल समीक्षा की जाए। SC सीटों को पुनः जनसंख्या आधारित और न्यायसंगत आधार पर बढ़ाया जाए। पारदर्शिता के साथ संशोधित अधिसूचना जारी की जाए।
यदि सरकार और संबंधित एजेंसियों ने इस गंभीर विषय पर संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो इसे अनुसूचित जाति समुदाय को हाशिये पर धकेलने की ठोस साजिश माना जाएगा और इसके विरुद्ध जन आंदोलन एवं कानूनी लड़ाई दोनों शुरू किए जाएंगे।
