झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान हेतु; जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करे; सरकार :पुष्कर महतो

झारखंड, बसिया। झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, बसिया प्रखंड गुमला की बैठक तुकई गांव में वरीय झारखंड आंदोलनकारी अल्फ्रेड आइंद के आवासीय परिसर में कीगई। मौके पर वरीय आंदोलनकारी अल्फ्रेड आइन्द एवं भोलानाथ सिंह को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया।

आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान एवं समाज में स्वाभिमान से जीने के आधिकार के तहत राजकीय मान सम्मान अलग पहचान, बाल -बच्चों के रोजी रोजगार एवं नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता को समाप्त करते हुए सभी को समान पेंशन राशि 50-50 हज़ार रु. देने की मांग सरकार से की गई। साथ ही साथ निःशुल्क मेडिकल व समूह बीमा 5- 5 लाख रु तथा दिशोम गुरु शिबू सोरेन को गजट नोटिफिकेशन कर झारखंड आंदोलनकारी का सर्वोच्च सम्मान देने की मांग सरकार से की गई।

मौके पर मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारियों अपने अस्तित्व, अस्मिता व बाल बच्चों के आधिकारों की रक्षा के लिए हथियार उठा कर एक और आन्दोलन करने की जरुरत है। आज झारखंड आंदोलनकारियों में आक्रोश है, सरकार जीते जी न्याय के साथ सम्मान दे, पहचान दे, सम्मान पेंशन, पूर्ण संवैधानिक अधिकार दे। झारखंड आंदोलनकारियों की बात को सरकार नहीं सुनेगी तो हमलोग भी उनकी नहीं सुनेंगे।

एक उलगुलान को तैयार रहना है। झारखंड आंदोलनकारी को भ्रष्टाचार, विस्थापन, पलायन, जमीन की भारी गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ़ खुलकर विरोध करना है। और माय-माटी व अलग राज्य के मूल्यों को स्थापित करने की लड़ाई लड़नी है। उपरोक्त के दौरान विशिष्ट अतिथि दक्षिणी छोटा नागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए स्वयं संघर्ष करना है।

प्रभारी अन्थन लकड़ा ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के लिए लड़े हैं और अब सम्मान की लडाई लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रखंड अध्यक्ष भोलानाथ सिंह ने कहा कि पहचान की लड़ाई आजादी से पूर्व से ही करते आ रहे हैं और आज भी लड़ना पड़ रहा है यह दुर्भाग्य है। कार्यक्रम का संचालन बसिया प्रखंड सचिव रतिया खड़िया ने की।

मौके पर पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष शिबु काली माईति, हीरालाल गोप से तोपनो शिव शंकर सिंह भूषण कौवा, सामुएल सुरीन, सुमंत आइन्द, जयधर सिंह, ज्योतिष भेंगरा, बेंजामिन तिर्की, ज्योतिष लकड़ा, मतियस बरला, मड़वारी लोहरा, आश्रिता बरला, इपील आइन्द, एमानी बरला, एथेल आइन्द, जयवंती लकड़ा, प्रभुदान टोपनो, ईश्वर लाल साहु, नियरजन आइन्द, बहालेन आइन्द, एमानुएल कुल्लू, दुखन नगेसिया, अल्बर्ट सोरेंग, ग्रेगरी टेटे, पियूष सोरेंग, बालमदीना बरला, हरिशंकर गोप, बंधु गोप, इमानुएल बाड़ा, विलसन टोपनो, सलन टोपनो, लक्ष्मीनाथ राम, सहदेव राम सहित बड़ी संख्या में झारखंड आंदोलनकारी शामिल रहे।

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