एटा में अलीगंज नगर के डीएवी ग्राउंड में आयोजित भारत केसरी दंगल अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में रहा। बड़े स्तर पर प्रचार के बावजूद, आयोजन में अपेक्षित अनुशासन और समुचित प्रबंधन का अभाव दिखा। उद्योगपति संजय आर्या ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, लेकिन शुरुआत से ही ध्वनि, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन कमजोर पाया गया।

दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कई दर्शक पूरे समय खड़े होकर मुकाबले देखने को मजबूर हुए। वाहनों को खड़ा करने के लिए भी कोई स्पष्ट पार्किंग व्यवस्था नहीं थी।
आयोजन का मुख्य आकर्षण 51 हजार रुपये की कुश्ती थी, जो सुखबीर पहलवान (हाथरस) और नीतू पहलवान (पंजाब) के बीच हुई। इस मुकाबले से बड़े रोमांच की उम्मीद थी, लेकिन कुश्ती अपेक्षाकृत जल्दी समाप्त हो गई। नीतू पहलवान ने सुखबीर को हराकर इनामी राशि जीती, हालांकि दर्शकों के एक वर्ग ने इसे प्रचारित स्तर का रोमांचक नहीं पाया।

अन्य मुकाबलों के स्तर पर भी सवाल उठे। 2100, 2500 और 1100 रुपये की कुश्तियों में पहलवानों के बीच असमान जोड़ियां दिखीं, जिसके परिणामस्वरूप कई मुकाबले एकतरफा रहे। खेल प्रेमियों ने कहा कि पहलवानों के चयन और जोड़ी मिलान में अधिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।
आयोजन स्थल पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल और साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की संख्या सीमित दिखी। कार्यक्रम में कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, लेकिन इन अव्यवस्थाओं के कारण पूरे आयोजन की छवि प्रभावित हुई।
