
गोंडा बहराइच
वाहन दुर्घटना से जुड़े मुकदमों में जानबूझकर की गई गलत विवेचना, भ्रष्ट आचरण और न्यायालय को गुमराह करने के गंभीर मामलों में देवीपाटन परिक्षेत्र पुलिस में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आईसीआईसीआई लोम्बार्ड बीमा कंपनी के अधिकारी राजेन्द्र प्रताप सिंह की शिकायत पर पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए दोषी विवेचकों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है।
शिकायत में स्पष्ट आरोप लगाया गया था कि कुछ विवेचकगण अनुचित लाभ की मंशा से वास्तविक दुर्घटनाग्रस्त वाहन और असली अभियुक्त को बचाकर सुनियोजित वाहन एवं फर्जी अभियुक्त को प्रकरण में शामिल कर जानबूझकर त्रुटिपूर्ण विवेचना कर रहे थे, जिसके आधार पर परिणाम माननीय न्यायालय भेज दिए गए। यह न केवल कानून के साथ धोखा था, बल्कि न्याय व्यवस्था पर सीधा प्रहार भी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र ने संबंधित जनपदों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित कर एसआईटी गठित कर पुनः विवेचना कराई। एसआईटी जांच में शिकायतें सही पाई गईं और वास्तविक वाहन व अभियुक्तों के विरुद्ध सही विवेचना कर पुनः परिणाम न्यायालय प्रेषित किए गए।
जांच के उपरांत दोष सिद्ध होने पर
जनपद गोण्डा के 02,
जनपद बहराइच के 08,
जनपद श्रावस्ती के 03
कुल 13 विवेचकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई संस्थित की गई है। इसके अतिरिक्त 03 अन्य विवेचकों पर भी निलंबन/विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर विवेचना में लापरवाही, भ्रष्टाचार या मिलीभगत पाई गई तो दोषियों के विरुद्ध कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, चाहे पद कोई भी हो।
यह कार्रवाई पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
