सोच के विपरीत मिला दुबई-रामानंद सैनी

जब मैंने दुबई यात्रा की प्लानिंग की थी तब मेरी दृष्टि में दुबई एक मुस्लिम राष्ट्र था l वहां के नियम कानून इतने सख्त थे कि मुझे लगता था कि…

दुबई में 500 दिरहम – आपको पता होना चाहिए कि दुबई का माल दुनिया का सबसे बड़ा माल कहा जाता है l

दुबई में 500 दिरहम – आपको पता होना चाहिए कि दुबई का माल दुनिया का सबसे बड़ा माल कहा जाता है l य़ह कई हजार वर्ग फिट में फैला हुआ…

प्राकृतिक खेती किसान के आर्थिक सफलता का जरिया-डॉ नंदकिशोर साह

भारत में खेती का पारंपरिक तरीका भी प्राकृतिक और जैविक खेती ही रहा है, लेकिन हरित क्रांति के बाद किसान रासायनिक खेती की ओर बढ़ते चले गए, जो लगातार जिंदगियों…

भगवान श्री कृष्ण की रासलीला में गोपी बन आये भोले बाबा

भगवान कृष्ण की बाललीलाओं को सुन उमड़े भक्त व नगरवासी श्रीमद्भागवत कथा के षष्ठम दिवस की कथा में भगवान की बाललीलाओं की कथा सुन उपस्थित भक्त हुए भावविभोर कानपुरः जनपद…

भगवान शिव का यह ‘ताड़केश्वर महादेव मंदिर’ सिद्ध पीठों में से एक है

संजय त्रिपाठी प्रबंध संपादक नवयुग समाचार (दैनिक) स्वरदूत सं.-9044973372 उत्तराखंड को महादेव शिव की तपस्थली भी कहा जाता है।भगवान शिव इसी धरा पर निवास करते हैं। इसी जगह पर भगवान…

हिंदी भाषा की चुनौतियां एवं संभावनाएं-डॉ नन्दकिशोर साह

हिंदी भाषा की चुनौतियां एवं संभावनाएं अगर किसी राष्ट्र को नष्ट करना हो तो सबसे पहले उसकी भाषा खत्म कर दीजिए, राष्ट्र स्वयं नष्ट हो जाएगा। अंग्रेजी के कई शब्द…

बाबा भुटुकनाथ- एक बार लखनऊ के सीमांत कस्बे दरोगा खेड़ा में एक युवा बाबा का पदार्पण हुआ

बाबा भुटुकनाथ- एक बार लखनऊ के सीमांत कस्बे दरोगा खेड़ा में एक युवा बाबा का पदार्पण हुआ l उसके साथ 400 से अधिक गाये थी l जिसे वह 1000 गाय…

मोटा अनाज पोषण का भंडार -डा. नन्दकिशोर साह

मोटे अनाजों को पोषण का शक्ति केंद्र कहा जाता है। पोषक अनाजों की श्रेणी में ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, चीना, कोदो, सावा और चीलाई प्रमुख है। पौष्टिकता से भरपूर मोटा…

असली दानी वही है जो दान देते वक्त एक हाथ से दान देता है, तो दूसरे हाथ को पता नहीं चलने देता

संजय त्रिपाठी प्रबंध संपादक नवयुग समाचार (दैनिक) एक बार की बात है, कि श्री कृष्ण और अर्जुन कहीं जा रहे थे। रास्ते में अर्जुन ने श्री कृष्ण जी.से पूछा कि…

लोकतंत्र में घृणा, द्वेष, ईर्ष्या, स्वार्थ व हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं

(शाहनवाज हसन) लोकतंत्र ; यानी “जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन।” लोकतंत्र में जनहित ही सर्वोपरि होता है। द्वेष की भावना के लिए लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं…