पूतना वध प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु

भ्रूण हत्या करने वाली स्त्री धार्मिक अनुष्ठानों की अधिकारी नहीं: निकुंज मंजरी

संतकबीरनगर। नगर पंचायत धर्मसिंहवा स्थित प्राचीन काली मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विष्णु महायज्ञ के तहत रविवार को श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा वाचिका साध्वी निकुंज मंजरी चंचला ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मार्मिक वर्णन किया। पूतना वध प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरा परिसर भक्ति भावना से गूंजता रहा।कथा में बताया गया कि कंस के आदेश पर राक्षसी पूतना सुंदर स्त्री का रूप बनाकर गोकुल पहुँची और बालक कृष्ण को विषपान कराकर मारना चाहती थी, लेकिन प्रभु ने दूध के साथ उसका विष और प्राण दोनों खींच लिए। कथा वाचिका ने कहा कि यह लीला अधर्म के नाश और ईश्वर की करुणा का प्रतीक है, क्योंकि पूतना जैसी दुष्टा को भी मातृत्व भाव के कारण मुक्ति प्राप्त हुई।कथा के दौरान साध्वी निकुंज मंजरी चंचला ने कहा कि गर्भ में पल रहे बच्चे की हत्या बहुत बड़ा पाप है। उन्होंने कहा कि जो स्त्री या परिवार भ्रूण हत्या कराते हैं, वे धर्म के मार्ग से दूर हो जाते हैं। ऐसे लोग पूजा, यज्ञ और धार्मिक कर्मकांड के सच्चे अधिकारी नहीं माने जाते।कथा के समापन पर विधि-विधान से आरती की गई तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित हुआ। आयोजन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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