डीएपी खाद की किल्लत से किसान बेहाल समितियों पर पक्षपात के आरोप

लंबी कतारों में घंटों इंतजार के बाद नहीं मिल पर रही किसानों कों खाद

अलीगंज। सीजन की बुवाई के चरम पर अलीगंज क्षेत्र के किसानों के सामने खाद संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बावजूद जमीन पर हकीकत बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।किसान सहकारी समितियों के बाहर सुबह से ही लंबी-लंबी लाइनें लगाकर खड़े हैं, लेकिन कई को देर शाम तक भी खाद नहीं मिल पा रही।इससे आक्रोशित किसानों ने आरोप लगाया कि समिति कर्मचारी और अध्यक्ष अपने “चाहतों” को खाद की बोरियां गुपचुप तरीके से भेज रहे हैं,जबकि वास्तविक पात्र किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है।किसान निराश होकर खाली हाथ लौट रहे हैं। कुछ स्थानों पर स्थितियाँ इतनी खराब हैं कि किसानों के बीच धक्का-मुक्की तक की नौबत आ रही है।

समितियों पर गंभीर आरोप—खाद चाहतों तक ई-रिक्शा से भेजी जा रही

अलीगंज विकासखंड की देहलिया पूठ समिति पर किसानों ने सबसे अधिक आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि यहाँ खाद का वितरण पारदर्शी तरीके से नहीं हो रहा है। किसानों का आरोप है कि समिति अध्यक्ष और कर्मचारी, खाद को ई-रिक्शा में भरकर अपने नजदीकी लोगों के घर तक भिजवा रहे हैं।सामान्य किसान लाइन में लगे-लगे थक जाते हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पाती। ई-रिक्शा चालक एवरेज सिंह ने भी पुष्टि की कि वह 15 बोरी डीएपी खाद हृदयपुर निवासी अजय प्रताप के घर पहुँचा रहा है, जो दहेलिया समिति से खाद लेकर आए थे। इससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है।किसानों का कहना—खेत तैयार हैं, लेकिन खाद न मिलने से रोकावटइस समय अलीगंज क्षेत्र में गेहूं और तंबाकू की बुवाई का अहम समय चल रहा है। दोनों फसलों के लिए डीएपी खाद बेहद जरूरी होती है। खाद न मिलने के कारण किसान परेशान हैं और समय पर बुवाई होने में बाधा आ रही है।किसानों ने बताई आपबीती. अलीगंज निवासी अखलेश ने बताया कि मैं सुबह से ही लाइन में लग गया था।लेकिन 11 बजे तक सिर्फ 10–12 लोगों को ही खाद मिली। हम गरीब किसानों को बार-बार पीछे कर दिया जाता है। अधिकारियों के चाहतों को पहले खाद दे दी जाती है।खाद लेने आये मोनू ने बताया दो दिन से चक्कर काट रहा हूँ।हर बार बोला जाता है—कल आना, कल आना। यदि खाद समय पर न मिली तो मेरी गेहूं की बुवाई लेट हो जाएगी।फर्दपुर निवासी विमलेश ने बताया किसान और सिफारिश वाले सीधे अंदर जाकर खाद ले जाते हैं। हम गरीब लोग लाइन में खड़े रहते हैं। यह व्यवस्था ठीक नहीं है।बजीर खान ने बताया कि खेत में जुताई पूरी है, लेकिन डीएपी न मिलने से बुवाई नहीं कर पा रहे। गेहूं देर से बोया तो पैदावार आधी रह जाएगी।सचिन ने बताया लाइन में हम खड़े हैं और खाद किसी और जगह भेजी जा रही है। यदि वाकई खाद है, तो फिर हमें क्यों नहीं मिल रही?गुलसर खान ने कहा खाद की गाड़ियाँ आती जरूर हैं, लेकिन असली वितरण में गड़बड़झाला हो रहा है। कुछ लोगों को 6–8 बोरी दे दी जाती हैं और हम लोग एक बोरी के लिए परेशान हैं।सुभाष ने बताया समिति के कर्मचारी अपने जान-पहचान वालों को पहले खाद देते हैं। हमें तो बस भरोसा और आश्वासन मिलता है—नतीजा शून्य।”फर्दपुर निवासी विद्यानन्द ने बताया खाद के लिए मारामारी जैसी स्थिति हो चुकी है। अगर आज भी नहीं मिली तो मेरे खेत खाली पड़े रह जाएंगे।सुधीर फर्दपुरा निवासी ने कहा बुवाई का सही समय यही है। देरी होने से फसल खराब होगी। लेकिन समिति को किसानों की फिक्र ही नहीं।इंद्रजीत ने कहा कई किसान शिकायत कर रहे हैं कि पैसे लेकर लाइन से हटाकर खाद दी जा रही है। यदि यह सच है तो यह बहुत बड़ी भ्रष्टाचार की बात है।नरेंद्र फर्दपुरा ने कहा सरकार कहती है कि खाद पर्याप्त है, लेकिन जमीनी हकीकत उलटी है। जब भी लाइन में लगो, बोरी खत्म!सुमित दो दिन से तीन घंटे की लाइन लगा रहा हूँ। आज भी कहा—खाद खत्म हो गई। आखिर कहाँ जा रही है खाद?जलेसूर ने बताया हमें 2 बोरी की जरूरत है, पर 1 बोरी भी नहीं मिल रही। बड़े किसानों को पूरा मिल रहा है। समान वितरण नहीं है।सुधीर कुमार ने कहा काफ़ी समय लगने के बात एक बोरी खाद मिली है। इससे क्या होगा कल आने के लिए बोला है। समय पर खाद न मिलने से पूरी फसल चक्र गड़बड़ा जाएगा।जवाहरलाल ने वताया हम गाँव से 12 किलोमीटर दूर से आते हैं। लाइन में खड़ा होने पर भी बोरी नहीं मिलती। इससे बड़ी निराशा क्या होगी?अधिकारियों ने कहा—कमी नहीं, व्यवस्था सुधारने की जरूरत*एआर कोऑपरेटिव सतीश सिंह बोले खाद वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी या समिति अध्यक्ष दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई तय है।अपर जिला सहकारी अधिकारी मंसाराम ने कहा जनपद में खाद की कमी बिल्कुल नहीं है। किसानों को समय-समय पर पर्याप्त खाद दी जाएगी। किसान उसी समिति से खाद लें, जहाँ से वे पंजीकृत हैं। भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था हो जाती है, इसलिए सिस्टम से खाद वितरण किया जाएगा।एसडीएम अलीगंज जगमोहन गुप्ता ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। यदि समिति में किसी ने मनमानी की है या चाहतों को खाद दी है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगीकोऑपरेटिव अध्यक्ष अजय तोमर ने कहा हमारी समिति में पूरी पारदर्शिता के साथ खाद वितरण किया जा रहा है। किसानों के आरोप बेबुनियाद और सरासर मिथ्या हैं। किसी भी किसान से भेदभाव नहीं किया जा रहा।सहकारी समिति दहेलिया पूठ में आशिक पद पर तैनात कर्मचारी दयाराम ने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशन पर 15 बोरी खाद की हृदयपुर हृदयपुर निवासी अजय प्रताप के यहां भेजने के लिए ईरिक्शा मे लोड कराई थी। कई लोगों के आधार कार्ड लगे हुए हैं।दिलीप सिंह मंडल ब्योरों एटा उत्तर प्रदेश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *