31 मार्च के उपरांत पत्रकारों की मांगें नहीं पूरी होने पर झारखण्ड उच्च न्यायालय में संगठन दर्ज कराएगा PIL
रांची: भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ की झारखण्ड राज्य इकाई झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा आज पूर्व घोषित कार्यक्रम अनुसार विधानसभा के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर पत्रकारों की लंबित मांगों को ३१ मार्च से पूर्व लागू करने की झारखण्ड सरकार से मांग की गई। आज झारखण्ड के समस्त जिलों से धरना में शामिल पत्रकारों में इस बात को लेकर रोष था कि लंबे जमशेदपुर से झारखण्ड सरकार पत्रकारों की मांगों की अनदेखी कर रही है।

अपने संबोधन में बीएसपीएस एवं जेजेए संस्थापक शाहनवाज हसन ने कहा कि पिछले 6 वर्षों से झारखण्ड सरकार द्वारा पत्रकारों की पेंशन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। श्री हसन ने कहा मुख्यमंत्री द्वारा कई बार आश्वासन दिया गया उसके बावजूद अब तक राशि का भुगतान नहीं किया गया। जबकि पत्रकारों के स्वास्थ बीमा के झारखण्डa qq सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा दो वर्ष पूर्व बीमा की प्रीमियम राशि लेने के बावजूद पत्रकारों का बीमा नहीं किया गया।

श्री हसन ने कहा देश भर में झारखण्ड एक मात्र ऐसा राज्य है जहां पत्रकारों के कल्याणार्थ कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। शाहनवाज हसन ने अपने संबोधन में कहा कि झारखण्ड में पिछले एक दशक में 6 पत्रकारों की खबर संकलन को लेकर हत्या हुई जब कि लगभग 80 से अधिक झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। श्री हसन ने कहा पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को संगठन की ओर से मांगपत्र सौंपा गया है उसके बावजूद झारखण्ड के पत्रकारों को न ही सुरक्षा के लिए सरकार ने अबतक कोई पहल की है और न ही पेंशन एवं स्वास्थ बीमा को ही लागू किया जा रहा है।
आज झारखण्ड विधानसभा में विधायक कल्पना सोरेन एवं झारखण्ड विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो को जेजेए के प्रतिनिधिमंडल ने मांगपत्र सौंपकर कहा है कि “झारखण्ड के समस्त पत्रकारों की ओर से लंबे समय से पत्रकार हितों की लंबित मांगों (पत्रकार पेंशन योजना, पत्रकार स्वास्थ बीमा योजना, पत्रकार आवास योजना एवं पत्रकार सुरक्षा कानून) को लेकर झारखण्ड सरकार के समक्ष झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा लगातार आवाज़ बुलंद की जाती रही है।

झारखण्ड जर्नलिस्ट एसोसियेशन द्वारा इन मांगों को लेकर झारखण्ड विधानसभा एवं झारखण्ड राजभवन के समक्ष पूर्व में भी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया था। विगत विधानसभा चुनाव से पूर्व आप के द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि पत्रकारों की सभी मांगों का निदान दो महीनों के भीतर किया जाएगा। तत्पश्चात विधानसभा चुनाव के कारण उन मांगों को पूरा नहीं किया जा सका।
झारखण्ड विधानसभा के समक्ष दिए गए एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के उपरांत झारखण्ड सरकार के मंत्रियों को धरना स्थल पर आप के द्वारा भेजकर यह मौखिक आश्वासन दिया गया था कि झारखण्ड सरकार सभी मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर रही है और इसे दो महीनों के अंदर लागू करेगी। तत्पश्चात विधानसभा चुनाव की घोषणा होने के कारण इसे नई सरकार के गठन के उपरांत करने की बात कही गई।
झारखण्ड सरकार के गठन के एक वर्ष से अधिक हो गए हैं उसके बावजूद पत्रकारों की लंबित मांगों को लेकर अब तक कोई पहल नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री महोदय, आप से पुनः झारखण्ड के समस्त पत्रकारों के लिए देश के विभिन्न राज्यों (मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, महाराष्ट्र) की तर्ज पर झारखण्ड के समस्त पत्रकारों के लिए निम्नलिखित मांगों को पूरा करने की मांग संगठन करता है।”
पत्रकारों की मांगें:
- रघुवर दास की सरकार द्वारा लागू पत्रकार पेंशन योजना के तहत पत्रकारों को पेंशन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए।
- झारखण्ड के समस्त पत्रकारों के लिए स्वास्थ बीमा योजना पश्चिम बंगाल सरकार की तर्ज पर निःशुल्क किया जाए।
- झारखण्ड के समस्त जिलों में भूमिहीन पत्रकारों के लिए सरकारी दर पर आवास आवंटित किया जाए।
- उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर पत्रकार मान्यता समिति का चुनाव कर विज्ञापन नीति तय करने का अधिकार पत्रकारों को दिया जाए।
- झारखण्ड के समस्त पत्रकारों की सुरक्षा के लिए “पत्रकार सुरक्षा कानून” लागू किया जाए।
