गोण्डा। कर्नलगंज क्षेत्र के बहराइच मोड़ पर डबल डेकर बसों का अवैध स्टैंड खुलेआम संचालित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंख मूंदे बैठे हैं। प्रतिदिन दर्जनों बसों के जमावड़े से यहां भीषण सड़क जाम की स्थिति बनती है और कभी भी बड़े हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों के अनुसार इस अवैध स्टैंड से दिल्ली व अन्य राज्यों के लिए दो दर्जन से अधिक डबल डेकर बसों का नियमित संचालन हो रहा है। सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और दोपहर 3 बजे से शाम 8 बजे तक सड़क पर बसों का भारी जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आम राहगीरों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस तक को निकलने में भारी परेशानी होती है।
हैरानी की बात यह है कि इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका केवल खानापूर्ति तक सीमित नजर आती है। कभी-कभार एनाउंसमेंट कराकर बसों को हटवाने का दिखावा किया जाता है, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति फिर जस की तस हो जाती है।
ना चालान, ना जब्ती, ना स्थायी कार्रवाई
सबसे गंभीर सवाल यह है कि आरटीओ विभाग और पुलिस प्रशासन आखिर किस दबाव या संरक्षण में चुप्पी साधे हुए हैं? डग्गामार वाहनों पर न तो कोई ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही अवैध स्टैंड को हटाने की मंशा दिखाई दे रही है। नतीजतन सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है और आम जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि इस अवैध बस स्टैंड के संचालन के पीछे निश्चित मोटी रकम का खेल चल रहा है, जो कथित तौर पर जिम्मेदार पुलिस व आरटीओ विभाग के कुछ जिम्मेदारों तक पहुंचती है। इसी वजह से यह अवैध कारोबार बिना किसी डर के फल-फूल रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि जब सब कुछ खुलेआम हो रहा है तो कार्रवाई क्यों नहीं? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा? आखिर किसकी शह पर कर्नलगंज में यह अवैध डबल डेकर बस स्टैंड संचालित हो रहा है? स्थानीय नागरिकों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस अवैध बस स्टैंड को तत्काल बंद कराया जाए, दोषी बस संचालकों पर कार्रवाई हो और पुलिस व आरटीओ विभाग की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान न जाए।
