बहराइच में “बिजली माफिया” का खेल! सिटडाउन सिंडिकेट से लाइन काटने-जोड़ने का धंधा, मौतों के लिए जिम्मेदार बना विभाग

बहराइच, रामगांव।
बहराइच जनपद के बलवापुर, खसहा-मोहम्मदपुर फीडर अंतर्गत क्षेत्रों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में कथित “बिजली माफिया” का नेटवर्क सक्रिय होने के आरोप लग रहे हैं, जहां उपभोक्ताओं से वसूली के लिए लाइन काटने और जोड़ने का खुला खेल चल रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संविदा लाइनमैन हारून, मीटर रीडर कलीमुद्दीन और प्राइवेट लाइनमैन रहमान आपसी मिलीभगत से यह पूरा खेल संचालित कर रहे हैं। बिना किसी लिखित आदेश के उपभोक्ताओं की बिजली लाइन काटी जाती है और फिर पैसे लेकर जोड़ी जाती है।

मामले में “सिटडाउन सिंडिकेट” सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। आरोप है कि एसएसओ (SSO) से सिटडाउन लेकर संविदा लाइनमैन इसे आगे बढ़ाता है, मीटर रीडर उसी सिटडाउन को दूसरे तक पहुंचाता है और इस पूरे नेटवर्क के जरिए बार-बार बिजली सप्लाई बाधित की जाती है।

सिटडाउन लेकर केबल खोलकर और जोड़कर चला रहे हैं “जेब खर्च” का खेल, जिससे उपभोक्ताओं का लगातार शोषण हो रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि इस “सिटडाउन खेल” के चलते आए दिन बिजली से जलकर लोगों की मौत तक हो रही है, लेकिन इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे हादसों के लिए अब सीधे तौर पर विभाग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

इसके अलावा, प्राइवेट लाइनमैन अलग-अलग फीडरों—कभी रिसिया, कभी खसहा-मोहम्मदपुर तो कभी महसी—में बिना किसी स्पष्ट अनुमति के काम करते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल कथित रूप से जेई/एसडीओ की जानकारी के बिना ही संचालित हो रहा है।


गर्मी के इस दौर में बिजली की अनियमित आपूर्ति से लोग पहले ही परेशान हैं, ऊपर से इस तरह की अव्यवस्था और भ्रष्टाचार ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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