कर्नलगंज,गोंडा। लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के अवसर पर रविवार को कर्नलगंज क्षेत्र के कटरा घाट स्थित सरयू नदी के तट पर प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं थी,जैसे न तो रोशनी की कोई व्यवस्था थी, न सुरक्षा का कोई प्रबंध और न ही कोई अन्य सुविधा। जिससे भक्तों में आक्रोश देखा गया। सब कुछ भक्तों के भरोसे छोड़ दिया गया, जिससे हादसों की आशंका मंडराती रही। सैकड़ों की संख्या में भक्तों ने अंधकारमय घाट पर मोबाइल फोन की रोशनी में मूर्ति का विसर्जन किया।

बता दें कि रविवार की देर शाम भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। युवा, बच्चे और बुजुर्ग सभी लोग मोबाइल की रोशनी जलाए सरयू तट पर पहुंचे। घाट पर बिजली का एक भी बल्ब नहीं था। फिसलन भरी सीढ़ियों से अंधेरे में उतरते हुए भक्तों को चोट खाने की भी आशंका बनी रही। कई भक्तों ने दुखी होकर एक स्वर में कहा, “हमारी भक्ति अटल है, लेकिन प्रशासन की यह उदासीनता असहनीय है।
क्या सरयू तट पर ऐसी अवहेलना ही हमारा भाग्य है और यही प्रशासन की व्यवस्था है? जबकि स्थानीय प्रशासन का दावा है कि बजट अभाव और भीड़ प्रबंधन की चुनौती थी। विपक्षी नेताओं ने इसे “व्यवस्था का पूर्ण पतन” बताते हुए योगी सरकार पर प्रहार किया। भक्तों ने आपसी सहयोग से विसर्जन संपन्न किया, जो उनकी अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रमाण बना।
यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है। गोंडा की धार्मिक परंपराओं में ऐसी चूक आस्था के उत्साह को धूमिल कर देती है। आशा है, भविष्य में बेहतर इंतजाम होंगे, ताकि भक्ति बिना बाधा के फले-फूले।
