भूमि विवाद में लाठी-डंडे, धारदार हथियार और फायरिंग से दहशत, पुलिस पर मिलीभगत के आरोप
सुदई पुरवा अधिवक्ता हत्याकांड के बाद भी नहीं चेती पुलिस
पीड़ित पक्ष ने हल्का दीवान रामशरण मौर्य पर आरोपियों से मिलीभगत का लगाया गंभीर आरोप
गोण्डा। जनपद के कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम कुम्हड़ौरा के ठकुराइन पुरवा में गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुराने भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। आरोप है कि करीब 50 दबंगों ने एक ही परिवार के घर पर धावा बोल दिया और लाठी-डंडों, हॉकी, लोहे की रॉड, कुल्हाड़ी समेत धारदार हथियारों से हमला कर दिया।

हमले के दौरान फायरिंग होने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हमले में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे समेत करीब 10 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पीड़ित पक्ष ने हल्का दीवान रामशरण मौर्य पर आरोपियों से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।
पीड़ित पक्ष के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे मोहनलाल अपने परिवार के साथ घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी मनजीत गोस्वामी, अमित गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, मयंक, ननकऊ देवी, दिलीप कुमार समेत 15-20 अज्ञात लोगों के साथ करीब 50 दबंग मौके पर पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों को घर में खींचकर बेरहमी से पीटा।

हमले में रवि, विनोद, खुशबू, प्रियांशी, प्रियांशु और मुरली सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पीड़ित मोहनलाल की तहरीर पर पुलिस ने मनजीत गोस्वामी, अमित गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, मयंक, ननकऊ देवी, दिलीप कुमार समेत 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया है।
इस पूरे मामले में एक चौंकाने वाला आरोप भी सामने आया है। पीड़ित मोहनलाल ने अपनी लिखित शिकायत में कर्नलगंज कोतवाली क्षेत्र में तैनात हल्का दीवान रामशरण मौर्य पर आरोपियों से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दीवान कई दिनों से उन्हें और उनके परिवार को धमका रहे थे और इस घटना में भी उनकी भूमिका संदिग्ध है।
इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्नलगंज क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे भूमि विवाद और अपराधों के बावजूद पुलिस अपराधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुदई पुरवा में भूमि विवाद को लेकर एक अधिवक्ता की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था।

उक्त घटना में भी कोतवाल की निरंकुश कार्यशैली उजागर हुई थी और उन पर भूमि विवाद में शिथिलता बरतने का आरोप लगा था। क्षेत्र में कानून व्यवस्था ध्वस्त होने से दबंगों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। कर्नलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
