
लखनऊ। ऐसा व्यक्ति जो स्टाल लगाकर कंबल नही वितरित करता है बल्कि अपने परिवार के साथ अपनी गाड़ी में कम्बल रख करके गली-गली ,झुग्गी झोपड़ियां में और सड़क पर पड़े हुए बेसहारा लोगों को शीत ऋतु में वितरित करता है l
हम बात कर रहे हैं एक समाज सेवी रामानंद सैनी की जो एक विद्यालय के प्रबंधक भी है और पूरे साल भर वस्त्र वितरण का काम करते हैं l जरूरतमंद लोगों को वस्त्र देने के लिए और संपन्न लोगों से वस्त्र प्राप्त करने के लिए उन्होंने अपने विद्यालय में त्रिवेणी वस्त्र बैंक की स्थापना की है l

जहां पर शहर के संपन्न लोग अपने पुराने तथा नए कपड़े दान के रूप में प्रदान करते हैं l उसके बाद सैनी जी उनको छांट करके, अलग-अलग करके जरूरतमंद लोगों के बीच पहुंचाने का काम करते हैं l वह अपनी ही कमाई से प्रतिवर्ष 500 कंबल खरीद करके लखनऊ के सड़कों पर रात को निकलते हैं l

उनकी धर्मपत्नी मंजू सैनी, बेटे प्रशांत सैनी और इशांत सैनी मिलकर के रात में उन लोगों को कंबल देते हैं जो ठंड से सिकुड़ रहते होते हैं l जिनके पास कपड़े नहीं होते l वह झुग्गी झोपड़ियों में भी गरीबों को कंबल देते हैं l
रामानंद सैनी यह भी कहते हैं अगर किसी भी व्यक्ति को कंबल या गर्म कपड़े की जरूरत है तो वह हमारी त्रिवेणी वस्त्र बैंक , अलीनगर सुनहरा कृष्णा नगर लखनऊ से कभी भी प्राप्त कर सकता है l
