बहराइच।
जनपद बहराइच के थाना मोतीपुर में तैनात उपनिरीक्षक और हेड कांस्टेबल द्वारा खुलेआम रिश्वतखोरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अवैध खनन के नाम पर कार्रवाई से बचाने के एवज में ₹30,000 की रिश्वत लेने के आरोप में दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शिकायतकर्ता निजामुद्दीन पुत्र मुन्ना, निवासी ग्राम पुरवा मटेही कला, थाना मोतीपुर ने भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि 7 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे अमरपुर गिरंट के पास उसे रोककर थाने ले जाया गया, जहां उपनिरीक्षक अमरेश गिरी एवं हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र यादव ने अवैध खनन के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी देते हुए ₹30,000 की मांग की।

धमकी से डरकर शिकायतकर्ता ने ₹30,000 देकर जान छुड़ाई, जिसके बाद पूरे मामले की शिकायत देवीपाटन परिक्षेत्र के भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन नंबर 8467919487 पर की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक, देवीपाटन परिक्षेत्र के निर्देश पर कराई गई जांच में आरोप सही पाए गए। क्षेत्राधिकारी मोतीपुर द्वारा की गई विस्तृत जांच में भी रिश्वतखोरी की पुष्टि हुई।
जांच में दोषी पाए जाने पर उपनिरीक्षक अमरेश गिरी एवं हेड कांस्टेबल शैलेन्द्र यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पुलिस आचरण नियमावली-1991 के नियम 14(1) के अंतर्गत विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
