अलीगंज।
युवा बौद्ध संघ के पदाधिकारियों ने विश्व धरोहर स्थल महाबोधि महाविहार बोधगया बिहार का प्रबन्धन पूर्णतः बौद्धों को दिये जाने के सम्बन्ध मे एक ज्ञापन उप जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार मोरल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा है।युवा बौद्ध संघ के पदाधिकारी ने मांग करते हुए ज्ञापन के माध्यम से बताया विश्व धरोहर स्थल महाबोधि महाविहार बोधगया बिहार का प्रबन्धन पूर्णतः बौद्धो को दिया जाये, यह स्थल दुनियाभर के बौद्धो की आस्था का बहुत बडा केन्द्र है तथा वर्तमान में वहां लागू बीटी एक्ट 1949 जिसमें मात्र चार बौद्ध तथा पाँच गैर बौद्ध है जो संविधान की प्रस्तावना व अनुच्छेद 25 व 26 का उल्लघन
करता है।ऐसे संविधान विरोधी बीटी एक्ट 1949 को रद्द करके भारत की अमूल्य विश्व धरोहर महाबोधि महाबिहार का प्रबन्धन पूर्णरूप से बौद्धो को दिया जाये।बीटी एक्ट 1949 हमारे देश की संविधान के विरूद्ध है हमारे देश की प्रस्तावना में, हम भारत के लोग भारत को सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी, पन्थ निरपेक्ष, लोकतन्त्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा समस्त नागरिको को समाजिक, आर्थिक, राजनैतिक न्याय, अभिव्यक्ति, विश्वास धर्म एवं उपासना की स्वतन्त्रता प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त करने के लिए तथा उन सब में व्यक्ति की गरिमा और राष्ट्र की एकता और अखण्डता सुनिश्चित करने वाली बन्धुता बढाने के लिए दृढ संकलिप्त है।हम बौद्धों की धार्मिक विश्व धरोहर पर और हमारे संवैधानिक अधिकारो पर अतिक्रमण करने वाले बीटी एक्ट 1949 को रद्द करते हुए आन्दोलनरत बौद्ध भिक्षुओ की मांगो को मानते हुए बौद्धों की विरासत बौद्धो को सौंपी जाये। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष सुदेश शाक्य, शिव कुमार, बुद्ध पाल, राजकुमार, ललित, आकाश शाक्य विशेष आपके रामवीर सिंह रघुनंदन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।