क्रिसमस और नए साल की खुशी एक साथ : झारखंड के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वाकांक्षी योजना; महिलाओं के लिए झारखंड प्रदेश में संचालित मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र महिलाओं को एक साथ दो किस्तों का भुगतान किया जा रहा है।
यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान करती है। हाल ही में सोलहवीं और सत्रहवीं किस्त का वितरण शुरू किया गया है, जिसके तहत कुछ महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त पांच हजार रुपये की राशि भेजी जा रही है।

यह उन महिलाओं के लिए विशेष राहत लेकर आई है जिनका पिछला भुगतान किन्हीं कारणों से लंबित था। योजना के तहत हेमंत सोरेन की सरकार ने इन किस्तों का भुगतान दो अलग-अलग चरणों में करने का निर्णय लिया है। प्रथम चरण में रांची, धनबाद, बोकारो, देवघर, गुमला, लोहरदगा, गोड्डा, जामताड़ा, सिमडेगा, चतरा, पाकुड़ और गढ़वा शामिल हैं। इन बारह जिलों की महिलाओं के खातों में सबसे पहले राशि स्थानांतरित की गई है।
झारखंड सरकार की ताकत : सशक्त महिला- सशक्त परिवार। गौरतलब हो कि मंईयां सम्मान योजना केवल एक आर्थिक सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है। प्रतिमाह मिलने वाली ढाई हजार रुपये की राशि महिलाओं को घरेलू खर्चों में योगदान देने और अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूर्ण करने में सहायक होती है।
यह राशि विशेषकर उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है जो आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर हैं या जिनके पास आय का कोई स्वतंत्र स्रोत नहीं है। योजना के माध्यम से महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक स्वतंत्रता उन्हें परिवार में बेहतर स्थान दिलाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बढ़ाती है। जब महिला के पास अपना पैसा होता है, तो वह अपनी और अपने बच्चों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकती है।
यह योजना महिलाओं को समाज में स्वाभिमान के साथ सम्मानजनक स्थान दिलाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आगामी चरणों में अन्य जिलों को भी मिलेगा लाभ। बताते चले की योजना का निरंतर लाभ प्राप्त करने के लिए महिलाओं को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सर्वप्रथम अपने बैंक खाते को हमेशा सक्रिय रखें और समय-समय पर लेनदेन करते रहें। निष्क्रिय खाते में राशि भेजने में समस्या आ सकती है। दूसरा, आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर को अद्यतन रखें ताकि सभी सूचनाएं समय पर प्राप्त हो सकें। झारखंड मंईयां सम्मान योजना प्रदेश की महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता कार्यक्रम है जो उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। सोलहवीं और सत्रहवीं किस्त का वितरण शुरू होना एक स्वागत योग्य कदम है। पात्र महिलाओं को चाहिए कि वे नियमित रूप से अपनी किस्त की स्थिति की जांच करती रहें और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें।
