बहराइच। Indian Oil Corporation की घरेलू गैस सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एक ओर सरकार और Indane प्रबंधन यह दावा कर रहे हैं कि गैस की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी पर सख्ती से रोक लगाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों के विपरीत नजर आ रही है।

मामला बहराइच जनपद के महसी क्षेत्र स्थित रजनी इंडेन ग्रामीण वितरक (Rajni Indane Gramin Vitrak) से जुड़ा है, जहां एक उपभोक्ता ने 28 मार्च 2026 को गैस सिलेंडर बुक कराया और ₹967.5 का भुगतान भी कर दिया, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो सकी।
पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि वह कई बार एजेंसी के चक्कर काट चुका है, लेकिन हर बार उसे खाली हाथ लौटना पड़ा। एजेंसी की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।
वहीं स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ सरकार कालाबाजारी पर रोक लगाने की बात कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ गैस एजेंसी की मिलीभगत से ही कालाबाजारी फल-फूल रही है। उनका दावा है कि घरेलू सिलेंडर गांव-कस्बों में ₹2000 से ₹2500 तक में ब्लैक में बेचे जा रहे हैं, जबकि असली उपभोक्ता परेशान हैं।
गर्मी के इस मौसम में गैस न मिलने से लोगों के सामने रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकार और प्रशासन सख्ती के दावे कर रहे हैं, तो फिर जमीनी स्तर पर यह स्थिति क्यों बनी हुई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
