उन्नाव। नवाबगंज स्वास्थ्य केंद्र में हीट वेव को लेकर जारी एडवाइजरी के बावजूद, अधिकारियों ने ठोस कदम उठाने की बजाय केवल रिपोर्ट भेज दी है। नवाबगंज सीएचसी में हीट वेव वार्ड के लिए केवल ओआरएस काउंटर बनाया गया, जबकि असल में गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सुविधाएँ मौजूदा नहीं हैं।
लखनऊ-कानपुर हाईवे की सबसे महत्वपूर्ण नवाबगंज सीएचसी में मरीजों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। महिला वार्ड में खिड़कियों के शीशों के टूटने के कारण वार्ड में गर्म हवा प्रवेश कर रही है, जिससे मरीजों की स्थिति और बिगड़ रही है।
इस बीच, मरीजों और तीमारदारों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था भी बेहद खराब है। एक वॉटर कूलर लगा हुआ है, लेकिन कई सालों से वह काम नहीं कर रहा है। इसलिए, लोग बाहर से पानी की बोतल खरीद कर अपनी प्यास बुझाते हैं।
सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि हीट वेव वार्ड दो दिनों में बन जाएगा और साथ ही वॉटर कूलर को भी ठीक कराने का प्रयास जारी है। हालांकि, रिपोर्ट भेजने के बाद अधिकारियों की जल्दबाजी पर सवाल उठते हैं, क्योंकि वास्तविक सुविधा प्रदान करने के बजाए केवल कागज़ों पर ही वार्ड बना दिखाया गया है।
इस स्थिति पर स्थानीय लोगों और मरीजों में असंतोष बढ़ा है, क्योंकि उन्हें हीट वेव के दौरान उचित देखभाल और ठंडक की उम्मीद है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन आवश्यक कदम उठाने में देर कर रहा है या सिर्फ रिपोर्ट भेजकर जिम्मेदारी से बच रहा है।