सवर्ण समाज ने उच्च शिक्षा में निष्पक्षता व पारदर्शिता की मांग की
भोपाल। ब्राह्मण चेतना परिषद के प्रभारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता आशीष तिवारी ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों पर गंभीर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में नियम लागू करने से पहले सभी वर्गों के सुझाव, संतुलित दृष्टिकोण और व्यापक संवाद बेहद जरूरी हैं।
आशीष तिवारी ने कहा यदि नियमों पर समय रहते पुनर्विचार नहीं हुआ, तो यह छात्रों और शिक्षकों में असंतोष, मानसिक दबाव और सुरक्षा की चिंता बढ़ा सकता है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि नियमों में सभी वर्गों के लिए समान, पारदर्शी और संतुलित सुरक्षा तंत्र का निर्धारण किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति का उद्देश्य सिर्फ प्रशासनिक नियंत्रण नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा, हित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
– आशीष तिवारी, प्रभारी, (ब्राह्मण चेतना परिषद, मध्यप्रदेश)
