झारखन्ड, जमशेदपुर। श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल मतलब सभी से प्रेम करो, सभी की सेवा करो। जो कि साई संजीवनी का मूल संदेश व स्लोगन है। आमतौर पर ऐसी धारणा होती है की निःशुल्क सेवा न जाने कैसी सेवा होगी परंतु मैं यहां बताते चलु की; यहां निःशुल्क मतलब हमेशा better than best सेवा प्रदान करने की है।

श्री सत्य साई स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट की एक इकाई, श्री सत्य साई संजीवनी मातृ एवं शिशु अस्पताल, गर्व से तीन वर्ष पूर्ण होने का जश्न दिनांक 20 फरवरी 2026 को मनाया। बताते चले की अस्पताल ने झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के समुदायों को पूर्णतः नि:शुल्क मातृ, नवजात शिशु, बाल चिकित्सा और जन्मजात हृदय रोग संबंधी देखभाल प्रदान करते हुए समर्पित और करुणामयी सेवा के तीन वर्ष पूरे किए हैं।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक समान और सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने की दृष्टि से स्थापित, यह अस्पताल आर्थिक रूप से वंचित और आदिवासी आबादी के लिए एक विश्वसनीय संस्थान और आशा की किरण के रूप में उभरा है, यह सुनिश्चित करते हुए कि कोई भी माँ या बच्चा वित्तीय सीमाओं के कारण आवश्यक चिकित्सा देखभाल से वंचित न रहे।

गौरतलब हो कि श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल नि:शुल्क बाल हृदय चिकित्सा देखभाल का एक राष्ट्रीय मिशन अस्तर पर कार्य कर रही है। यह अस्पताल जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) से पीड़ित बच्चों को पूर्णतः नि:शुल्क उपचार प्रदान करने के लिए समर्पित एक अग्रणी राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पहल का प्रतिनिधित्व करती है।
2012 में अपनी स्थापना के बाद से, संजीवनी अस्पतालों ने 350,000 से अधिक बच्चों को बाल हृदय संबंधी परामर्श प्रदान किया है, और 40,000 से अधिक बच्चों की सफल जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की गई है। यह सर्जरी नया रायपुर, पलवल, खारघर और हैदराबाद में स्थित उन्नत हृदय केंद्रों में की गई।
जहां सभी सेवाएं- परामर्श, निदान, शल्य चिकित्सा, अस्पताल में भर्ती, दवाएं, भोजन और आवास समेत पूरी तरह से नि:शुल्क प्रदान की जाती हैं, जिससे वित्तीय बाधाएं दूर होती हैं और जीवन रक्षक उपचार तक समान पहुंच सुनिश्चित होती है।
जमशेदपुर संजीवनी अस्पताल के बारे में बताना चाहूंगा कि श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, जमशेदपुर की स्थापना को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया, जिस पर 10 जून, 2022 को ट्रस्ट और कांतिलाल गांधी मेमोरियल अस्पताल ट्रस्ट के बीच वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए,
जिनमें ट्रस्ट के अध्यक्ष सी. श्रीनिवास और टाटा स्टील के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे। झारखंड के माननीय राज्यपाल रमेश बैस द्वारा 18 नवंबर, 2022 को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का औपचारिक उद्घाटन किया गया, जो इस क्षेत्र में पूर्णतः निःशुल्क मातृ एवं बाल चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। अद्वितीय स्वास्थ्य सेवा मॉडल: पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस अस्पताल एक अद्वितीय, मानवीय और रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवा मॉडल पर काम करता है,

जिसकी विशेषताएँ इस प्रकार हैं :-
➢ कोई बिलिंग काउंटर नहीं।
➢ कोई भुगतान संग्रह प्रणाली नहीं।
➢ किसी भी प्रकार का कोई वित्तीय लेन-देन नहीं। प्रत्येक परामर्श, निदान परीक्षण, उपचार, सर्जरी, दवा, अस्पताल में
भर्ती, भोजन और आवास
पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान किए जाते हैं, जिससे सभी रोगियों को गरिमा, सुलभता और समान स्वास्थ्य सेवा प्राप्त होती है। आईए जानते हैं मातृ एवं प्रसूति देखभाल में उपलब्धियाँ :- अपनी स्थापना से ही, अस्पताल ने व्यापक मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की हैं, जिनमें शामिल हैं:- अस्पताल विशेषीकृत बाल चिकित्सा और नवजात शिशु देखभाल भी प्रदान करता है, जिनमे बाल चिकित्सा बाह्य रोगी और अंतर्रोगी देखभाल, नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) सेवाएँ, टीकाकरण, प्रारंभिक बाल्यावस्था स्वास्थ्य निगरानी, निःशुल्क निदान, विशेषज्ञ परामर्श और दवाएँ शामिल हैं।
आज तक, अस्पताल में 47,477 से अधिक प्रसूति परामर्श, 12,485 बाल चिकित्सा परामर्श, 19,736 नेत्र संबंधी परामर्श, 2501 प्रसव और 495 एनआईसीयू नवजात शिशुओं का प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क किया गया है, जिससे क्षेत्र में मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य परिणामों में सुधार में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
अस्पताल की अन्य उपलब्धियां :- () जिला प्रशासन का सहयोग और आकांक्षी ब्लॉक तक पहुंच पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के साथ एक औपचारिक समझौता ज्ञापन के तहत, अस्पताल आकांक्षी ब्लॉक के रूप में चिन्हित मुसाबानी ब्लॉक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम सक्रिय रूप से चला रहा है। जिला स्तर पर प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
➢ 8 ग्राम स्तरीय मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए।
➢ 120 गर्भवती महिलाओं की जांच और पंजीकरण किया गया।
➢ 220 बच्चों की जन्मजात हृदय रोग के लिए जांच की गई।
➢ 38 बच्चों की सफलतापूर्वक जीवनरक्षक हृदय शल्य चिकित्सा की गई।
➢ 13 बच्चों की पहचान की गई और उन्हें उन्नत हृदय चिकित्सा देखभाल के लिए भेजा गया
ये कार्यक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पंचायत स्तर पर पहुंच के माध्यम से अंतिम छोर तक स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच सुनिश्चित करते हैं।
() नन्हा सा दिल कार्यक्रम – जीवनरक्षक बाल हृदय रोग पहल
जुलाई 2024 में शुरू किया गया, नन्हा सा दिल कार्यक्रम बच्चों में जन्मजात हृदय रोग का शीघ्र पता लगाने और उपचार करने के उद्देश्य से एक व्यापक पहल है। कार्यक्रम की झारखंड भर में उपलब्धियों में शामिल हैं:-
➢ 1,055 स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए।
➢ 97,574 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
➢ 550 बच्चों की जीवनरक्षक हृदय सर्जरी की गई।
➢पूर्वी सिंहभूम जिले में:
➢ 220 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।
➢ 37 बच्चों की सफल हृदय सर्जरी की गई। सभी परिवहन, आवास, निदान, सर्जरी और अनुवर्ती देखभाल पूरी तरह से निःशुल्क प्रदान की जाती है।
() सामुदायिक संपर्क एवं जागरूकता पहल
अस्पताल सक्रिय रूप से जागरूकता एवं निवारक स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम संचालित करता है, जो निम्नलिखित पर केंद्रित हैं :-
➢ मातृ स्वास्थ्य एवं प्रसवपूर्व देखभाल।
➢ बाल स्वास्थ्य एवं जन्मजात हृदय रोग की जांच।
➢ पोषण एवं स्तनपान जागरूकता।
➢ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों में निवारक स्वास्थ्य देखभाल शिक्षा
विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम जिले में, अस्पताल ने अनेक स्क्रीनिंग शिविर आयोजित करके, बच्चों के लिए जीवनरक्षक हृदय शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान करके, मातृ स्वास्थ्य देखभाल संपर्क को मजबूत करके और सरकारी स्वास्थ्य पहलों का समर्थन करके एक परिवर्तनकारी भूमिका निभाई है। इस प्रकार, अस्पताल वंचित समुदायों के लिए स्वास्थ्य देखभाल की पहुंच और परिणामों में सुधार लाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। बताते चले की अस्पताल ने 20 फरवरी, 2026 को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया। जहां जमीनी स्तर के स्वास्थ्य चैंपियनों को सम्मानित किया गया।
जिसमें आशा-सहियास बीटीटी, एसटीटी, यूबीटीटी, डीपीसी, जिला समन्वयक आयुष्मान, डीडीएम, डीईसी समन्वयक, आयुष
डॉक्टर सीएस कार्यालय, डीईसी प्रबंधक, बाल रोग विशेषज्ञ, डीआरसीएचओ, विभागाध्यक्ष सदर अस्पताल, डीपीएम, डीएसडब्लूओ, सी.एस. पूर्वी सिंहभूम और डी.सी. पूर्वी सिंहभूम को जिले भर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
जिला प्रशासन और सामुदायिक हितधारकों के साथ निरंतर सहयोग से, अस्पताल झारखंड के लोगों, विशेषकर पूर्वी सिंहभूम जिले के लोगों के लिए एक स्वस्थ, मजबूत और अधिक न्यायसंगत भविष्य के निर्माण के लिए समर्पित है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री सत्य साई संजीवनी स्वास्थ्य एवं शिक्षा ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. सी. श्रीनिवास और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल रहे। उपरोक्त कार्यक्रम का आगाज दीप प्रज्वलित कर किया गया एवं कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गीत के साथ हुआ। कार्यक्रम स्थल पर अस्पताल के सारे कृतज्ञ डॉक्टर, ट्रस्ट के अधिकारी, कर्मचारी समेत CHD के मरीज़ व प्रसूता मरीज़ आदि शामिल रहे। उक्त अवसर पर वहां मरीजों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया। वे सभी अस्पताल के उत्तम सेवा के साथ उत्तम इलाज पाकार भावुक हुए।
(विशेष संवाददाता धनंजय की कलम से)
