टाटा स्टील : मैंगनीज माइंस को फिक्की अवॉर्ड में गोल्ड से नवाजा गया।

नई दिल्ली : टाटा स्टील के मैंगनीज ग्रुप ऑफ माइन्स (MGM) ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) द्वारा आयोजित 11वें एक्सीलेंस इन सेफ्टी सिस्टम्स अवॉर्ड्स में दिनांक 28 नवंबर को गोल्ड अवॉर्ड हासिल किया है।

ओडिशा के क्योंझर ज़िले के जोडा क्षेत्र में स्थित कंपनी के फेरो अलॉयज़ एंड मिनरल्स डिवीजन (FAMD) के अंतर्गत संचालित ये खदानें खनन क्षेत्र में अपनी सतत, सक्रिय और उत्कृष्ट सुरक्षा यात्रा के लिए इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाज़ी गई हैं।

टाटा स्टील के फेरो अलॉयज़ एंड मिनरल्स डिवीजन (FAMD) से शंभू नाथ झा, चीफ़, माइन्स, और सन्तोष कुमार राउत, सीनियर एरिया मैनेजर, सेफ्टी, माइन्स ने कंपनी की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया। यह सम्मान उन्हें भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के सेंट्रल बॉयलर्स बोर्ड के तकनीकी सलाहकार (बॉयलर) एवं सचिव संदीप सदानंद कुम्भार के हाथों प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में आलोक मिश्रा, संयुक्त सचिव, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा निदेशक जनरल, फ़ैक्टरी एडवाइस सर्विस एंड लेबर इंस्टीट्यूट्स, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार भी उपस्थित थे। वर्षों से संचालन के दौरान, एमजीएम ने टाटा स्टील की सतत खनन के प्रति प्रतिबद्धता को निरंतर प्रदर्शित किया है।

सुरक्षा को हर कर्मचारी और हितधारक के लिए जीवन-शैली का हिस्सा बनाते हुए, यह समूह भारत की औद्योगिक प्रगति और रॉ मटेरियल में आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।समूह में जोडा वेस्ट, खोंदबोंद, बामेबारी और तिरिंगपहाड़ मैंगनीज माइंस शामिल हैं, जो पूरी तरह यांत्रिकीकृत ओपनकास्ट ऑपरेशन हैं और टाटा स्टील के फ़ेरो-अलॉय प्लांट तथा अन्य ग्राहकों को मैंगनीज ओर की आपूर्ति करती हैं।

विदित हो कि टाटा स्टील में सुरक्षा का आधार एक समग्र, संरचित और तकनीक-सक्षम प्रणाली है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संचालित होती है। नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी, डिजिटल परिवर्तन और सशक्त कार्य-बल की सहभागिता के माध्यम से कंपनी “शून्य हानि” के अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ रही है।

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