दहेज हत्या की घटना कारित करने वाले अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 2,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया ।

• “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चिन्हित अभियोगों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध अधिकतम/त्वरित दण्डात्मक कार्यवाही हेतु चलाया जा रहा विशेष अभियान ।
• माननीय न्यायालय पीठासीन अधिकारी श्री आनन्द शुक्ला, अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश/एफ.टी.सी.-I बहराइच द्वारा दोषी अभियुक्त को दण्डित किया गया ।
• वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन एवं पुलिस व लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप दोषी को मिली सजा ।

घटना का सक्षिंप्त विवरण- वादी राम छबीले पुत्र बराती लाल साकिन वीरपुर दा० सोरहिया थाना रुपईडीहा द्वारा दी गई लिखित सूचना के आधार पर वादी की पोती प्रीती पुत्री स्व० महेश की शादी करीब 02 वर्ष पूर्व दिलीप कुमार पुत्र हरीराम ग्राम लखैहिया थाना रुपईडीहा के साथ हुयी थी 34 माह बीतने के बाद लडकी के ससुरालीजन दिलीप कुमार व सन्दीप पुत्रगण हरीराम व बाउर पुत्र अज्ञात व प्रीती की सास दहेज कम पाने की बात कहकर अतिरिक्त दहेज की मांग करते हुये प्रताडित करने लगे व मार पीट कर भगा दिये थे जिस पर वादी की पोती वादी के घर 03 माह रही व कुछ समय बाद समझा बुझाकर उसके पति दिलीप कुमार के साथ भेज दिया था।

दिनांक 14.03.2015 की रात में समय करीब 10 बजे वादी को पता चला कि वादी की पोती प्रीती को उसके ससुरालीजन दहेज के लिये आग लगाकर जलाने का प्रयास किये व उसे अधजली हालत में इलाज हेतु बहराइच जिला अस्पताल ले गये वहां इलाज हो रहा है। वादी द्वारा दी गयी लिखित तहरीर के आधार पर थाना रुपईडीहा में दिनांक 16.03.2015 को मु.अ.सं. 285/2018187/2015 धारा 498A, 323, 307 भा.द.वि. व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम बनाम दिलीप कुमार, संदीप कुमार, बाउर व प्रीती की सास उपरोक्त के विरुद्ध पंजीकृत किया गया, जिसकी विवेचना तत्कालीन विवेचक क्षेत्राधिकारी भरत यादव द्वारा साक्ष्य संकलन, गवाहों की गवाही व विवेचनात्मक कार्यवाही के उपरान्त अभियुक्तगण 1.दिलीप कुमार पुत्र हरीराम, 2.बाउर पुत्र भगवानदीन, 3.श्रीमती बिट्टी उर्फ सुक्की पत्नी हरीराम उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 09.07.2015 को अन्तर्गत धारा 498A, 304B, 323 भा.द.वि. व 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम दाखिल किया गया, माननीय न्यायालय द्वारा आरोपो कों दिनांक 09.06.2016 को विरचित किया गया।

दोषसिद्धि का विवरण– पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ के आदेश के क्रम एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दंडात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है

जिसके क्रम में उक्त अभियोग में माननीय न्यायालय/ पीठासीन अधिकारी आनन्द शुक्ला, अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश/एफ.टी.सी.-I बहराइच द्वारा मॉनिटरिंग सेल, पुलिस कार्यालय बहराइच, प्रभारी थाना रुपईडीहा, विशेष लोक अभियोजक गिरीश चन्द्र शुक्ला, कोर्ट मोहर्रिर हे0का0 मनोज कुमार, थाना पैरोकार का0 अभिमन्यु कुमार की प्रभावी पैरवी के फलस्वरुप दिनांक-29.03.2025 को दोषी अभियुक्त दिलीप कुमार पुत्र हरीराम को 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 2,000/- रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड न अदा करनें पर 01 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा सुनायी गई ।

दोषसिद्ध अभियुक्त का विवरणः-

1- दिलीप कुमार पुत्र हरीराम निवासी ग्राम लखैइया थाना रुपईडीहा जनपद बहराइच

सजा का विवरण-

दोषसिद्ध अभियुक्त को-

धारा 304 भा.द.वि. के अपराध में 10 वर्ष के सश्रम कारावास से दण्डित किया गया
धारा 498(ए) भा.द.वि. के अपराध में 02 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 1,000 रुपये का अर्थदण्ड, अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में 01 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास

धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अपराध में 01 वर्ष का सश्रम कारावास तथा 1,000 रुपये का अर्थदण्ड, अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में 01 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास

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