जिले के जिम्मेदारों द्वारा सीयूजी फोन रिसीव न करने से बढ़ा भ्रष्टाचार, पत्रकार व जनता हैरान
गोण्डा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के स्थानांतरण होने के बाद से निरंकुश हो चुके कुछ जिम्मेदारों द्वारा अपना सीयूजी नम्बर रिसीव नही किया जा रहा है, जिससे पत्रकार व जनता अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। चर्चा की मानें तो वर्तमान में आलम यह है कि समाचार पत्रों द्वारा प्रकाशित किए गए भ्रष्टाचार की खबरों पर कार्यवाही करना तो दूर उसको संज्ञान में भी न लिए जाने से लूट को छूट दिए जाने जैसा लग रहा है।
यदि जिलाधिकारी नेहा शर्मा के व्हाट्सएप्प पर किसी के द्वारा भ्रष्टाचार से सम्बंधित खबरें भेजी जाती थीं या उनके मोबाईल पर फोन करके बताया जाता था तो उनके द्वारा त्वरित एक्शन लेते संबंधित अधिकारी के पास कार्यवाही हेतु भेजकर संबंधित को भी सूचित किया जाता था। अब तो आलम यह है कि सभी जिम्मेदारों का फोन मातहत रिसीव करके कहते हैं कि साहब व्यस्त हैं।

पूर्व डीएम नेहा शर्मा के कार्यशैली की आज भी जनता कर रही प्रशंसा
निष्पक्ष जिलाधिकारी नेहा शर्मा द्वारा खबरों को संज्ञान लेकर बार-बार कराए गए छापेमारी के चलते संभागीय परिवहन कार्यालय गोण्डा में पल रहे कई दलालों को जेल की हवा खानी पड़ी व सम्बंधित पटल लिपिक पर कार्यवाही होने से दलाल विलुप्त हो चुके थे जिस वजह से उनकी प्रसंशा आज भी जनपदवासी कर रहे हैं।
अब तो लिखते रहो खबर,नही पड़ने वाला कोई असर
अब आलम यह है कि शाम 05:30 बजे के बाद आरटीओ कार्यालय में दलाल कुर्सी पर बैठकर कम्प्यूटर में डाटा फीड करते नजर आते हैं और कार्यालय में दलालों की भरमार रहती है। आरटीओ विभाग के जिम्मेदार कर्मचारी इतने भयमुक्त हो गए हैं कि वह सिर्फ कार्यवाही के नाम खानापूर्ति कर अपनी पीठ थपथपाते रहते हैं। यदि खबर प्रकाशित भी हो तो कोई अधिकारी संज्ञान तक नही लेता। यदि पत्रकारों द्वारा उनके सीयूजी नम्बर पर फोन करके जानकारी देने का प्रयास किया जाता है तो उनके मातहत ही फोन रिसीव कर बताते हैं कि साहब व्यस्त हैं।
उद्योगपतियों के ओवरलोड वाहनों पर नही होती कार्यवाही
बताया जाता है कि रानीबाजार के निकट बने राइस मिल से निकल रहे भूसियों को दर्जनों वाहनों पर ओवर हाइट लादकर भीड़-भाड़ वाले रानीबाजार से प्रतिदिन शाम 06 बजे के बाद रात्रि 10 बजे तक ले जाया जाता है,जिससे भविष्य में कोई भी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका स्थानीय निवासियों सहित अन्य लोगों द्वारा जताया जा रहा है। इतना ही नही सुभागपुर रेलवे स्टेशन पर सीमेंट की रैक आने पर बगैर कॉमर्शियल में पंजीकृत दर्जनों ट्रैक्टर ट्राली द्वारा ओवरलोड सीमेंट लादकर गन्तव्य तक पहुंचाया जा रहा है। जिस पर विभाग द्वारा न जाने किस मोह-पाश के चलते कार्यवाही नही की जा रही है जो जांच का विषय है।
अधिकारियों द्वारा फिटनेस करते समय रहती दलालों की भरमार
बताया जाता है कि अधिकारियों द्वारा वाहनों का फिटनेस करने के दौरान इस कदर दलालों की भरमार रहती है कि एक के बाद दूसरे दलाल द्वारा अपने- अपने सेटिंग का वाहन बताकर फिटनेस कराया जाता है जिससे सभी खुश रहते हैं।
