लोकतंत्र, संविधान और जनभागीदारी का महापर्व – गणतंत्र दिवस _लालचंद्र मद्देशिया

लालचंद्र मद्देशिया
जिला संवाददाता
नवयुग समाचार / नव क्रांति इंडिया न्यूज़
संतकबीरनगर, धर्मसिंहवा (उ.प्र.)


26 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। इसी दिन वर्ष 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष तथा लोकतांत्रिक गणराज्य बना। यह दिन केवल उत्सव का नहीं, बल्कि संविधान के प्रति आस्था, कर्तव्य और जिम्मेदारियों को स्मरण करने का अवसर है।


भारतीय संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार, न्याय, स्वतंत्रता और सम्मान का अधिकार दिया है। यह संविधान देश की विविधता में एकता को मजबूत करता है और हमें लोकतांत्रिक मूल्यों पर चलने की प्रेरणा देता है। गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि देश की असली ताकत उसकी जनता है।


आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संविधान की भावना के अनुसार चलना और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना हम सबका कर्तव्य है। शिक्षित समाज, जागरूक नागरिक और जिम्मेदार मीडिया ही सशक्त लोकतंत्र की नींव होते हैं।


एक पत्रकार होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम सत्य, निष्पक्षता और जनहित को सर्वोपरि रखें, ताकि आम जनता तक सही जानकारी पहुंचे और लोकतंत्र और अधिक मजबूत हो।


गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर आइए हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि संविधान की मर्यादा का पालन करेंगे, देश की एकता और अखंडता को बनाए रखेंगे तथा एक सशक्त, विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
जय हिंद! जय भारत!

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