घाटशिला : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में आज घाटशिला, फूल डूंगरी स्थित माझी पारगाना माहाल धाड दिशोम प्रांगण में झारखंड आंदोलनकारियों को न्याय के साथ सम्मान एवं स्वाभिमान से जीने के अधिकार के सवाल को लेकर बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों को राजकीय मान सम्मान, अलग पहचान, बाल – बच्चों के लिए रोजी रोजगार नियोजन की गारंटी तथा जेल जाने की बाध्यता समाप्त कर सभी को सम्मान पेंशन राशि 50-50 हजार रुपया देने की मांग सरकार से की गई. साथ ही 10 लख रुपए तक का समूह बीमा एवं 15 लख रुपए तक की मेडिकल की सुविधा की भी मांग की गई।
मौके पर झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड अलग राज्य के आंदोलनकारियों की भावनाओं के साथ खेलवाड़ कर जाति – धर्म के नाम पर वोट मांगने वालों को स्ट्रीट डॉग की तरह झारखंड से खदेड़ देना है। झारखंड में जाति – धर्म आधारित राजनीति करना अलग राज्य के मूल्यों को खंडित करना है।
आंदोलनकारियों के लिए 5 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने वाली सरकार को साथ देना है. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन, पूर्व मंत्री रामदास सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन को झारखंड आंदोलनकारी के रूप में राजकीय सम्मान से सम्मानित करने वाली पार्टी को चुनाव में साथ दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रवक्ता मो बारिक ने कहा कि घाटशिला क्रांतिकारियों की भूमि है और सभी आंदोलनकारी क्रांतिकारी गोल बंद होकर अपने अधिकारों की रक्षा की लड़ाई लड़नी है।

वहीं सुधा रानी बेसरा ने कहा कि बहरागोड़ा से लेकर मुसाबनी के आंदोलनकारियों ने पुलिस दमन व लंबे संघर्ष व शहादत के बाद झारखंड राज्य बना है। सभी को सरकार सम्मान पहचान दे।
उक्त कार्यक्रम का संचालन विश्वजीत प्रमाणिक, आंदोलनकारी यूके दत्त
प्रदीप कुमार दास, लक्ष्मण माटी जसवंत सिंह कांबोई, सुरेश महतो, नाबा कुमार बस्की, प्रियनाथ हंसदा, रामपद्दो महतो, दिलीप पत्रा, गोपाल मिश्रा, चित्ता राशन डंटापाट, गंतोष महतो, उमान मुर्मू, अनिल कुमार महतो, परेश सिंह, सरदार जसवंत सिंह कंबोज, बिपिन चन्द्र मुर्मू, अजीत, चैतन्य पात्रा, जोगेश्वर किस्कू, दिबाकर हेमरोम, छोटू गोविंद मारडी, पूर्णिमा बेरा, पीतांबर सोरेन, बैद्यनाथ हंसदा, सीना राम किस्कू, रासबिहारी मुंडा, धनजय मांडी, भुवन चंद महतो, सुधांशु महापत्रा, गणेश चंद हंसदा, बिपिन चंद मुर्मू, निमई मुर्मू, प्रो श्याम मुर्मू, सुंदर राम मुर्मू, रखाल चन्द्र घोष, कर्मू राम मुर्मू, मार्शल किस्कू सहित सैकड़ों की संख्या में अन्य शामिल हुए।
