तीन रोज़ा उर्स-ए-पाक का आगाज़: पहले दिन मकामी कब्बालों ने बांधा समां, रात 3:35 बजे तक गूंजती रहीं सूफियाना सदाएं


अलीगंज। मेवाती मोहल्ला स्थित खानकाह गुलामाने नियाज़िया में तीन रोज़ा उर्स-ओ-कव्वाली का पुरअसर आगाज़ हुआ। पहले दिन की महफ़िल में अलीगंज के मक़ामी कब्बालों ने अपनी दमदार पेशकश से समां बांध दिया। रात्रि 10 बजे शुरू हुई महफ़िल सुबह 3 बजकर 35 मिनट तक जारी रही, जिसमें अकीदतमंदों की खासी तादाद मौजूद रही।


पहले रोज़ अलीगंज के मशहूर कब्बाल शमशाद और यूनिस कब्बाल ने हम्द, नात और मनकबत पेश कर महफ़िल को रूहानियत से सराबोर कर दिया। उनकी जुगलबंदी और असरदार अदायगी पर नाज़रीन ने भरपूर दाद दी। महफ़िल के दौरान “वाह-वाह” और “सुब्हानअल्लाह” की सदाएं लगातार गूंजती रहीं।


उर्स का आयोजन खानकाह गुलामाने नियाज़िया में अकीदत व एहतराम के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुंतज़िम (आयोजक) मोहम्मद इब्राहिम नियाज़ी (सचिव) हैं। इंतज़ामिया कमेटी में मुन्ना खां, अली सगीर और आज़ाद खां व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं।


मुंतज़िमीन के अनुसार आगामी रोज़ों में देवा शरीफ से तशरीफ़ लाने वाले मशहूर कव्वाल शाह वारसी व शहवाज वारसी, शमशाबाद से काबल और मतलूफ, तथा बाराबंकी से आने वाले कव्वाल शहवाज अपनी पेशकश से महफ़िल को चार चांद लगाएंगे।


तीन दिवसीय इस उर्स-ए-पाक में क्षेत्र भर से जायरीन और अकीदतमंदों की आमद जारी है, जिससे पूरे इलाके में रूहानी माहौल क़ायम है।

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