जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में मध्यस्थता के लाभ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न।

झारखंड, जमशेदपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के तत्वावधान में मेडिएशन फॉर द नेशन अभियान 2.0 के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, डीएलएसए अरविंद कुमार पांडेय के निर्देशानुसार “मध्यस्थता के लाभ” विषय पर संदर्भित न्यायाधीशों के संवेदन हेतु सोमवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सिविल कोर्ट, जमशेदपुर के कॉन्फ्रेंस हॉल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य न्यायिक पदाधिकारियों को मध्यस्थता के महत्व, इसके व्यावहारिक लाभ, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण विवाद निपटान की प्रक्रिया तथा न्यायालयों पर बढ़ते वादभार को कम करने के प्रभावी उपायों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में राजेश दास एवं शिव शंकर प्रसाद, मास्टर ट्रेनर सह अधिवक्ता मध्यस्थ, डीएलएसए, जमशेदपुर ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।

उन्होंने मध्यस्थता की प्रक्रिया, संदर्भ योग्य मामलों की पहचान, पक्षकारों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देने तथा सफल मध्यस्थता के अनुभवों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सिविल कोर्ट, जमशेदपुर के न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि सिविल कोर्ट, घाटशिला के न्यायिक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

उपस्थित प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्र को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायी बताया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से न्यायिक अधिकारियों में मध्यस्थता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा तथा अधिक से अधिक मामलों का शीघ्र, किफायती एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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