रांची, दिनांक: 27 दिसंबर, 2025
आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच झारखंड के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी के उस साहसिक एवं ऐतिहासिक निर्णय का पूर्ण हृदय से स्वागत एवं अभिनंदन करता है, जिसमें 23 दिसंबर, 2025 को राज्य मंत्रिपरिषद ने झारखंड पेसा नियमावली-2025 को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।

यह निर्णय दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन जी की अमर विरासत को आगे बढ़ाने वाला है तथा जल-जंगल-जमीन पर आदिवासी एवं मूलवासी समुदायों के संवैधानिक अधिकारों को वास्तविकता प्रदान करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। अब मात्र एक औपचारिक अधिसूचना शेष है, जो इस नियमावली को जीवंत करेगी। इससे राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाएं पूर्णतः सशक्त होंगी तथा लघु खनिजों का प्रबंधन, भूमि अधिग्रहण में पूर्व सहमति, वन उत्पादों एवं जल संसाधनों पर नियंत्रण तथा स्थानीय विकास योजनाओं में निर्णायक भूमिका स्थानीय समुदायों को प्राप्त होगी।
मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष श्री विजय शंकर नायक ने अपील करते हुए कहा: कि “माननीय मुख्यमंत्री जी, हम आपसे दृढ़ता पूर्वक अनुरोध करते हैं कि नव वर्ष 2026 के शुभारंभ में झारखंड की करोड़ों जनता—विशेष रूप से आदिवासी, दलित एवं वंचित वर्गों—को सबसे बड़ा नववर्षीय उपहार प्रदान करते हुए पेसा नियमावली की अधिसूचना तत्काल जारी करने के निर्देश दें और शहरी क्षेत्र मे पेसा के तरज पर मेसा कानूनलागु करने पर विचार करे ।
विजय शंकर नायक ने आगे कहा कि माननीय मुख्य मंत्री का यह कदम झारखंड हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान तो करेगा ही, साथ ही राज्य के स्वाभिमान, स्वशासन एवं सामाजिक न्याय की अमर विजय घोषित करेगा!”आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच इस ऐतिहासिक नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है तथा ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण एवं जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगा साथ ही साथ आपसे यह भी अनुरोध करेगा कि जितनी जल्दी हो पेसा के तरज पर शहरी क्षेत्रो के लिए मेसा को लागु करने पर विचार करे ताकि शहरी एवँ ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी मूलवासी समाज को समाजिक न्याय मिल सके ।
