दिनांक: 04 नवंबर, 2025
राधाकृष्ण किशोर का पत्र लिखना एक राजनीतिक ढोंग और पाखंड है । यह पत्र दलित दर्द का नहीं, कांग्रेस-झामुमो गठबंधन की सड़ांध मारती विफलता को ढकने का एकमात्र पर्दा है।

उपरोक्त बाते आज आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय शंकर नायक ने वित्त मंत्री द्वारा हेमंत सोरेन को पत्र लिखने पर अपनी प्रतिक्रिया मे कही ।
इन्होने आगे कहा कि हेमन्त सरकार की दलित-विरोधी नीतियों का खूनी चेहरा, और पूर्ववर्ती भाजपा सरकार का काला इतिहास को बेनकाब कर दिया ! झारखंड की हेमन्त सोरेन सरकार में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र एक मात्र नौटकी और राजनीतिक ढोंग भर है – यह दलितों के खून से सनी रोटियां सेंकने का कुत्सित खेल है!
कैबिनेट की बैठकों में मुंह सिले रहने वाले ये ‘दलित-नेता’ अब मीडिया की चकाचौंध में नहाने के लिए पत्र लिखकर अपना काला चेहरा चमकाने पर उतारू हैं। यह पत्र दलित दर्द का नहीं, कांग्रेस-झामुमो गठबंधन की सड़ांध मारती विफलता को ढकने का जहरीला पर्दा है। श्री किशोर का यह जहरीला बयान – एससी की स्थिति एसटी से बदतर पूरी तरह फर्जी और अवसरवादी है।
श्री नायक ने आगे कहा कि बीजेपी शासन में एससी आयोग बना था? हां, लेकिन वह भी कागजी शेर था, मगर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन मे तो वह अनुसूचित जाति आयोग पांच साल से गठन ही नही हुआ और ये टीएएसी गठन करने की बात कर रहे है जो हास्यास्पद है ।
जो सरकार दलितों को सिर्फ हरेक क्षेत्रो मे धोखा दिया! लेकिन असली सवाल भाजपा और झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार से है – कि आपको का प्रेम कहां था जब आप दोनो की सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को कमजोर किया? तब आपसबो का ‘संघर्ष’ कहां था जब आप दोनो के शासन में दलितों पर अत्याचार चरम पर थे? दोनो सरकार ने ही आरक्षण को लूटा, कोटा को रिक्त छोड़ा और दलितों को भिखारी बनाया!
अब पत्र लिखकर नाटक कर रहे है ? हेमन्त सरकार तो दलितों की कब्र खोद रही है – 50 लाख से ज्यादा दलित भूख, गरीबी और अपमान की आग में जल रहे हैं! एससी कल्याण विभाग झामुमो के हाथ में है, लेकिन वहां से सिर्फ लूट और भ्रष्टाचार की बदबू आती है। वित्त मंत्री के पास बजट की चाबी है, फिर भी दलित योजनाएं लुटेरों की जेब में! यह सरकार दलित-विरोधी है,
जो चुनावी नौटंकी के सिवा कुछ नहीं करती! दलित समस्याओं की अनदेखी के खूनी उदाहरण सरकार और भाजपा दोनों की पोल खोलते हैं: भूमिहीनता का खूनी अभिशाप: हरिजन, चर्मकार, भुईयां, मुसहर – घासी,धोबी समाज या कहे अनुसूचित जाति कीी 22उपजाति भूमिहीन, मजदूर, गुलाम बनी हुई है !
श्री नायक ने आगे कहा कि हेमंत सरकार की ‘भूमि सुधार’ योजनाएं कागजी लाशें हैं। पलामू-चतरा में खनन माफिया ने हजारों दलितों को बेदखल किया, पुनर्वास? झूठ का पुलिंदा! भाजपा शासन में भी यही हुआ – कार्पोरेट को जमीन, दलितों को लाठी!
कुपोषण का नरसंहार: मुसहर एव अनय दलित जाति बस्तियों में 70% बच्चे कुपोषित! ICDS और ‘सुपोषण अभियान’ सिर्फ फोटो-ऑप और भ्रष्टाचार का अड्डा। ओरमांझी ब्लॉक में 2024 में 300 दलित बच्चे भूख से तड़पे, अस्पतालों में बेड नहीं – सरकार सोती रही! भाजपा ने भी कभी आवाज नहीं उठाई!
शिक्षा-रोजगार की लूट: एससी साक्षरता दर 20% नीचे! स्कॉलरशिप लुटेरों की जेब में, छात्रावास खाली! 2024 पटवार भर्ती में 40% एससी कोटा रिक्त – आरक्षण का मजाक! चर्मकारों को ‘स्किल डेवलपमेंट’ में बकरी-मुर्गी पालन थोपा, उद्योग? भाजपा-कांग्रेस दोनों ने मिलकर दलितों को गटर में धकेला!
अत्याचार और धर्मांतरण का खुला खेल: एससी आयोग निष्क्रिय, मरा पड़ा है! गुमला में 2025 में 50 दलित परिवारों पर हमले – पुलिस ने FIR तक नहीं लिखी! भाजपा शासन में भी यही था – दलितों पर गोली, आरोपियों को संरक्षण!
श्री किशोर – इस्तीफा दो या चुप रहो! भाजपा – अपना पाखंड बंद करो! तुम दोनों दलितों के दुश्मन हो! हम, आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच, घोषणा करते हैं: राधाकृष्ण किशोर तत्काल इस्तीफा दें, अपना ढोंग बंद करें! हेमन्त सरकार एससी आयोग का गठन करे 5000 करोड़ का विशेष दलित पैकेज लाए – नहीं तो सड़क पर आग लगेगी! भाजपा अपना काला इतिहास स्वीकार करे, दलितों से माफी मांगे! सभी अत्याचार मामलों में 7 दिन में न्याय, वरना राज्यव्यापी आंदोलन!
