स्कूल जाते समय रास्ते में आग जलाकर सर्दी से बचने का करते हैं प्रयास
अलीगंज। अलीगंज विकासखंड क्षेत्र सहित जिले में एक जनवरी से लगातार कोहरे व शीतलहर का प्रकोप जारी है। जिले के ग्रामीण अंचलों में औसत से कम तापमान होने तथा कोहरे के बीच शीत लहर चलने के कारण हाड़ कंपा देने वाली कड़ाके की ठंड से समूचा जनपद ठंड से जकड़ा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण अंचलों में संचालित होने वाली सरकारी सहित निजी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले नौनिहाल चलती शीत लहर के बीच कड़ाके की ठंड से कांपते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं।
शीत लहर चलने एवं कोहरे के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी परहेज कर रहे हैं। लिहाजा छात्रों की संख्या भी स्कूलों में 50 फीसदी से कम देखी जा रही है। किंतु जो बच्चे स्कूल पहुंच रहे हैं उन्हें शिक्षक भी ठंड से कांपते हुए बच्चों को पढ़ाई कराने मजबूर हैं।
आलम यह है कि सूर्य देवता के दर्शन होते नहीं और भवन के अंदर बैठाने से बच्चे दिन भर कांपते हुए पढ़ाई करते हैं। वही शनिवार को जब अलीगंज क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में स्कूल जाते समय शीत लहर के चलते कांपते हुए नजर आए जहां नैनो वालों ने रास्ते में ही आग उत्पन्न कर हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से निजात पाते हुए देखे मिले। इतना ही नहीं कुछ गरीब परिवारों के नौनिहाल जिनके पास ठंडी से बचने के लिए प्रर्याप्त कपड़े नहीं हैं। ऐसे नौनिहालों को ठंडी से बीमार होने का खतरा भी बना हुआ है।
नहीं हुए सूर्य देवता के दर्शन-
जिले में लगातार चार दिनों से बिगड़े मौसम के मिजाज के कारण जहां क्षेत्र में कोहरा छाया रहता है, वहीं लगातार शीत लहर चल रही है। वहीं शुक्रवार को पूरे दिन सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए और दिन भर शीत लहर चलने के कारण तापमान में और गिरावट होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
यदि ऐसा हुआ तो हाड़ कंपा देने वाली कड़ाके की ठंड के कारण स्कूल पहुंचने वाले नौनिहालों को बीमार होने का खतरा हो सकता है।
शहरी अंचल में 9 बजे होना पड़ रहा रवाना
इधर शहरी अंचल में बच्चों को सुबह 8.30 बजे से 9 बजे के बीच ही मासूम बच्चों को स्कूल रवाना होना पड़ रहा है। मासूम बच्चे ठंड कंपकपाते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं। भले ही शासन प्रशासन द्वारा स्कूलों का समय सुबह 10 बजे निर्धारित कर दिया गया है, लेकिन स्कूल बसें बच्चों को लेने सुबह 8.30 से 9 बजे के बीच ही पहुंच रही हैं, ऐसे में अभिभावकों को अपने मासूम बच्चों को सुबह 8.30 बजे ही तैयार कर स्कूल के लिए रवाना करना पड़ रहा है। ऐसे में बच्चों को ठंड से बीमार होने का खतरा बना हुआ है।
दिलीप सिंह मंडल ब्यूरो एटा उत्तर प्रदेश