श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल उड़ाकर मनाया उत्सव, पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ विसर्जनअलीगंज कस्बे में दस दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का शुक्रवार को गणपति बप्पा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ श्रद्धा और उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ।

कस्बे के अलग-अलग मोहल्लों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं को भक्त ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुनों के बीच नगर भ्रमण कराते हुए विसर्जन के लिए अटैना घाट लेकर पहुंचे। इस दौरान पूरे रास्ते गणपति बप्पा के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।
अलीगंज कस्बे के किला रोड पर स्थापित गणेश प्रतिमा की भव्य विसर्जन यात्रा निकाली गई। प्रतिमा को सजे वाहन पर विराजमान कर श्रद्धालु नगर भ्रमण के लिए रवाना हुए। यात्रा गांधी मूर्ति, मुख्य बाजार और नगला पड़ाव होते हुए अटैना घाट की ओर रवाना हुई। डीजे की धुन पर युवा और श्रद्धालु नृत्य करते रहे। जगह-जगह लोगों ने गणपति बप्पा की आरती कर यात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर उत्सव की खुशियां साझा कीं।

यात्रा में राकेश यादव, डॉ. जेपी शर्मा, राजू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। इसी तरह मोहल्ला छेदालाल गौड़ से भी गणपति बप्पा की प्रतिमा की विसर्जन यात्रा निकाली गई। भक्तों ने प्रतिमा को नगर भ्रमण कराया और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए अटैना घाट के लिए रवाना हुए।
यात्रा में महिलाओं और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। प्रमोद सक्सेना, सुमित सक्सेना, सुनीता सक्सेना सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। वहीं गंगा दरवाजा पर स्थापित गणपति बप्पा की प्रतिमा को ढोल-बाजों के साथ कस्बे में भ्रमण कराया गया। यात्रा पुरानी तहसील परिसर पहुंची, जहां निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हुआ। यहां अष्टधातु के गणपति बप्पा का गंगाजल से स्नान कराया गया और उन्हें पुनः विराजमान किया गया।
इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में विकास गुप्ता, सर्वेंद्र राजपूत, आशीष वर्मा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। गणेश विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। कस्बे के प्रमुख मार्गों और विसर्जन यात्रा के रास्तों पर पुलिस बल तैनात रहा। समस्त कार्यक्रमों की सुरक्षा व्यवस्था की कमान कस्बा इंचार्ज मनीष वलियान के नेतृत्व में रही।
पुलिसकर्मी लगातार यात्रा के साथ चलते रहे और भीड़ को नियंत्रित करते हुए यातायात व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे। शांतिपूर्ण माहौल में गणपति बप्पा की विदाई संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने अगले वर्ष फिर से गणपति के आगमन की कामना की।
