मुख्यमंत्री राहत कोष न मिलने से पत्रकार की मौत का आरोप, मरने से पहले का वीडियो वायरल, राजस्व महकमे पर उठे सवाल

गोंडा। जिले के वरिष्ठ पत्रकार सुलेमान की मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे राजस्व महकमे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 3 मिनट के इस वायरल वीडियो में पत्रकार ने अपनी मौत के लिए लेखपाल सहित अन्य राजस्व कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि इस वीडियो की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वायरल वीडियो में पत्रकार ने बताया कि वह लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित थे और उनका इलाज लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा था। आर्थिक तंगी के चलते क्षेत्रीय विधायक डॉ. रमापति शास्त्री ने मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाने के लिए शासन को संस्तुति पत्र भेजा था। बताया जाता है कि शासन ने पत्र की जांच का जिम्मा उपजिलाधिकारी मनकापुर को सौंपा था।

जांच के दौरान क्षेत्र के लेखपाल प्रवीण शुक्ला अवकाश पर थे, इसलिए उनका चार्ज लेखपाल आर.के. मिश्रा के पास था। आरोप है कि लेखपाल आर.के. मिश्रा ने रिपोर्ट में पत्रकार को मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए अपात्र बता दिया, जिसके कारण उन्हें सहायता राशि नहीं मिल सकी।

वीडियो में भावुक होते हुए पत्रकार ने कहा है कि समय पर राहत राशि न मिलने से उनका समुचित इलाज नहीं हो सका और यदि उनकी मृत्यु होती है तो इसके लिए संबंधित लेखपाल व राजस्व कर्मी जिम्मेदार होंगे।

इस पूरे प्रकरण के बाद जिले में पत्रकारों में भारी आक्रोश है। सूत्रों के अनुसार मुख्य राजस्व अधिकारी द्वारा पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई तय होगी।

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