अलीगंज में आशाओं से अवैध वसूली के आरोप में सात संगिनियां बर्खास्त

डीएम के निर्देश पर हुई जांच में सामने आया मामला, प्रत्येक आशा कार्यकत्री से 2,000 रुपये मांगने की शिकायत; सीएमओ ने जारी किए सेवा समाप्ति के आदेश

17 अक्टूबर को संपूर्ण समाधान दिवस में आशाओं ने डीएम से की थी शिकायत, जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई

अलीगंज। स्वास्थ्य विभाग में आशा कार्यकत्रियों से मानदेय के भुगतान के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। अलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से संबद्ध सात आशा संगिनियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। आशा कार्यकत्रियों ने शिकायत की थी कि उनसे मानदेय और प्रोत्साहन राशि के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर प्रति कार्यकत्री दो-दो हजार रुपये की मांग की जा रही थी। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली के निर्देश पर मामले की जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने सातों संगिनियों की सेवा समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं।

मामले की शुरुआत 17 अक्टूबर को अलीगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस से हुई थी। यहां कई आशा कार्यकत्रियों ने जिलाधिकारी के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए कथित वसूली की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित कार्य पूरा करने और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनके भुगतान की प्रक्रिया में बाधा डाली जा रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने सीएमओ को मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।

जांच के बाद सात संगिनियों पर गिरी गाज

प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच कराई गई। इस दौरान शिकायतकर्ता आशा कार्यकत्रियों के बयान और संबंधित अभिलेखों की पड़ताल की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर सात संगिनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। विभागीय कार्रवाई से स्वास्थ्य महकमे में हलचल मची हुई है।

सेवा समाप्ति की कार्रवाई जिन संगिनियों के खिलाफ की गई है, उनमें शीला देवी, रंजीता, मधु देवी, रीना देवी, सुनीता देवी, विमलेश पाल और पुष्पा देवी के नाम शामिल हैं। आदेश की प्रति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), लखनऊ को भी भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

आशाओं को समय पर मानदेय दिलाने की उठी मांग

आशा कार्यकत्रियां ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्हें विभिन्न कार्यों के आधार पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। ऐसे में भुगतान के नाम पर कथित वसूली की शिकायत सामने आने से जमीनी स्तर पर काम करने वाली कार्यकत्रियों की समस्याएं उजागर हुई हैं।

अन्य कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग

सात संगिनियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या कथित वसूली का मामला केवल इन्हीं तक सीमित था या इसमें स्वास्थ्य केंद्र के अन्य कर्मचारियों की भी कोई भूमिका थी। साथ ही, शिकायतकर्ता आशा कार्यकत्रियों से कथित रूप से ली गई रकम वापस दिलाने और जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी ऐसी शिकायतों की जांच कराने की मांग उठ सकती है।

फिलहाल, मामले में सात संगिनियों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई है। यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा है।

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