मानव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता संजय सोंधी, उप सचिव, भूमि एवं भवन विभाग, दिल्ली सरकार मानव के ‘मन’ व मस्तिष्क को चल प्रकृति और अदृश्य ईश्वर के समकक्ष माना जाता है।…
साधना सोलंकी, जयपुर चहक…वह गौरैया की! आ…लौट के आ फिर! एसी रूम में दादी का मन बेचैन है। यदा कदा घबराकर कहती है… नकली हो गया जमाना…कुछ असली नहीं रहा…रोशनदान…
दिव्यांगता अधिकार अधिनियम – 1995 ने दिव्यांग व्यक्तियों के जीवन में विकास की एक अलख जगा दी थी l हालाँकि भारत में दिव्यांग व्यक्तियों का एक बहुत बड़ा वर्ग इसके…
गांव के बियाह पहले गाँव में न टेंट हाऊस थे और न कैटरिंग, थी तो बस सामाजिकता संजय त्रिपाठी प्रबंध संपादक नवयुग समाचार (दैनिक) गांव में जब कोई शादी ब्याह…
बसंत पंचमी संजय त्रिपाठी प्रबंध संपादक नवयुग समाचार (दैनिक) बसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दू त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा…
ऐसा लट्ठबाज न देखा : ‘लट्ठमेव जयते’ ‘लट्ठमेव जयते’ ज़ेबा खान मशहूर हास्य कवि डा.ताराचंद ‘तन्हा’ जिन्होंने अपने बेहतरीन हास्य व्यंग्य के जरिए कई अवार्ड अपने नाम किए हैं। इनके…
उमेश कुमार सिंह राकेश शंकर भारती मीठी लुभावनी भाषा शैली और कहानी-उपन्यास में ट्विस्ट और सस्पेंस देने में माहिर हैं, इसी कारणवश पाठक आपकी लंबी कहानियाँ और उपन्यास आखिर तक…
भारतीय सभ्यता और संस्कृति का इतिहास जितना पुराना है उतना ही पुराना है यहां के महान क्रांतिकारी का इतिहास भी है भारत की भूमि अमरता और अजरता की पावन भूमि…