बसंत पंचमी

बसंत पंचमी संजय त्रिपाठी प्रबंध संपादक नवयुग समाचार (दैनिक) बसंत पंचमी या श्री पंचमी हिन्दू त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पूजा…

व्यंग्य शैली नहीं है, न ही लेखन का तरीका है, अपितु साहित्यिक प्रक्रिया है तथा लेखन की एक व्यवस्था है: ताराचंद तन्हा

ऐसा लट्ठबाज न देखा : ‘लट्ठमेव जयते’ ‘लट्ठमेव जयते’ ज़ेबा खान मशहूर हास्य कवि डा.ताराचंद ‘तन्हा’ जिन्होंने अपने बेहतरीन हास्य व्यंग्य के जरिए कई अवार्ड अपने नाम किए हैं। इनके…

किरचे उपन्यास के माध्यम से एक नये विषय के साथ भारतीय समाज की संकीर्ण मानसिकता पर करारा प्रहार

उमेश कुमार सिंह राकेश शंकर भारती मीठी लुभावनी भाषा शैली और कहानी-उपन्यास में ट्विस्ट और सस्पेंस देने में माहिर हैं, इसी कारणवश पाठक आपकी लंबी कहानियाँ और उपन्यास आखिर तक…

21 जनवरी 1943 – भगत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले अमर शहीद हेमू कालाणी के बलिदान दिवस पर कोटिशः नमन

भारतीय सभ्यता और संस्कृति का इतिहास जितना पुराना है उतना ही पुराना है यहां के महान क्रांतिकारी का इतिहास भी है भारत की भूमि अमरता और अजरता की पावन भूमि…

योग से होगी दूर कंप्यूटर से बढ़ने वाली सर्वाइकल कि समस्या- अलका सिंह

योग एक्सपर्ट लगातार बढ़ते कंप्यूटर के उपयोग से सर्वाइकल की समस्या भी बढ़ने लगी है कई बार काम के दौरान लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन को ज्यादा देर तक देखने…

सादा जीवन-उच्च विचार ही जीवन का सार- ट्विंकल आडवाणी

बिलासपुर( छत्तीसगढ़) सादा जीवन उच्च विचार ही जिंदगी का सार है। प्रख्यात लेखक व दार्शनिक हेनरी डेविड के शब्दों में ” जीवन पैसा कमाने व व्यर्थ चीजों को जमा करने…

दीपावली पर विशेष

दीपावली पर विशेष – – – : : गरीबों की मांग : : दीप मालिके वापस जाओ। दीप मालिके वापस जाओ।। स्वागत कैसे करुं तुम्हारा। स्वागत का कुछ नहीं सहारा॥…

हवा को जहरीले होने से बचाए, धूमधाम से मनाएं त्यौहार; पर पटाखों से रहे दूर। शुद्ध जल एवं भोजन लेते हैं तो अशुद्ध हवा लेने को क्यों है तैयार

भारत के अनेक राज्यों के अनेक शहरों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लेबल बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में 400 से लेकर 500 के पार होने के कारण ध्वनि और…

तटस्थ रहने का वक्त नहीं: संपूर्णानंद भारती

संवाददाता रांची।झारखंड जर्नालिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश सलाहकार के रूप में मैं संपूर्णानंद भारती जेजेए के समर्पित साथियों से निवेदन पूर्वक कहना चाहता हूं कि आज हम सभी के समक्ष जो…

शास्त्रीय नृत्य सांस्कृतिक धरोहर: डॉ. संदीप कुमार शर्मा

प्राचीनतम कला, शिल्प कला, साहित्य, भित्तिचित्र, शिलालेख, मूर्तियां, भग्नावशेष, शवाधान, आभूषण, बीज, यंत्र और अन्य पुरातात्विक महत्व की सभी वस्तुओं को हम धरोहर कहेंगे। इन्हीं से हम अपने प्राचीन इतिहास…