गोंडा। मोतीगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 192/2026 की विवेचना में गंभीर लापरवाही और पक्षपात के आरोपों पर पुलिस अधीक्षक गोंडा ने बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने विवेचक रहे उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एसपी की इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला-
दरअसल, मोतीगंज थाने के मुकदमा संख्या 192/2026 में पीड़ित पक्ष ने विवेचना में पक्षपात, लापरवाही और वादिनी को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि विवेचक ने साक्ष्यों को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी गोंडा ने अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) को मामले की प्रारंभिक जांच सौंपी।
एएसपी जांच में खुली पोल
अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया गया कि विवेचक ने महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की जानबूझकर अनदेखी की। साक्ष्यों के विपरीत जाकर और मामले को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया। विवेचना में वादिनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप भी प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
एसपी ने लिया कड़ा एक्शन
एएसपी पूर्वी की जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक गोंडा ने कड़ा रुख अपनाया। एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक अखिलेश कुमार पांडे को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के आदेश भी दिए हैं।
पुलिस अधीक्षक का कहना है कि विवेचना में लापरवाही और पक्षपात किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी/कर्मचारी साक्ष्यों के विपरीत जाकर कार्य करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
