अलीगंज। धम्म सेवा संघ, एटा उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सोमवार को जनपद एटा-अलीगंज के पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. महादीपक सिंह शाक्य को मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रभारी उपजिलाधिकारी रविंद्र सिंह के समक्ष राष्ट्रपति के संबोधन में ज्ञापन प्रस्तुत किया।

ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि स्वर्गीय डॉ. महादीपक सिंह शाक्य एटा जिले से सात बार सांसद रहे और उनका संपूर्ण सार्वजनिक जीवन जनसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, त्याग, संघर्ष एवं राष्ट्रभक्ति को समर्पित रहा। संघ के सदस्यों ने कहा कि वह केवल पूर्व सांसद और वरिष्ठ जनसेवक ही नहीं, बल्कि ज्ञान, जनसेवा, लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा का अद्भुत संगम थे।
संघ ने उनके जीवन से जुड़े विभिन्न योगदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि डॉ. शाक्य ने बिना किसी औपचारिक गुरु के स्वयं अध्ययन और निरंतर अभ्यास के माध्यम से पांच भाषाओं का ज्ञान अर्जित किया था। उन्होंने जयप्रकाश नारायण के जेपी आंदोलन में अग्रिम एवं महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तान सीमा के निकट झेलम नदी के किनारे स्थित नौगांव चौकी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया था।
ज्ञापन में कहा गया कि डॉ. महादीपक सिंह शाक्य का सार्वजनिक जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके राष्ट्रीय योगदान, संघर्ष और जनसेवा को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
धम्म सेवा संघ ने राष्ट्रपति महोदय से मांग की कि डॉ. महादीपक सिंह शाक्य के संपूर्ण सार्वजनिक जीवन एवं राष्ट्रीय योगदान का उचित मूल्यांकन कर उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ज्ञापन देने वालों में लोकपाल सिंह, अभिषेक साहब, हर्ष शाक्य, देवेंद्र, अनमोल, योगेंद्र, रोहित, सर्वेश, गौरव, अजय, पुरुषोत्तम, रंजीत, अंशुल, धर्मवीर, निथिलेश, जीतू, सुबोध, पृथ्वीराज सहित धम्म सेवा संघ के अनेक सदस्य मौजूद रहे। दिलीप सिह अलीगज एटा
