दुनिया में नेतन्याहू और अमेरिका में ट्रम्प की हार ने यह शाबित किया है की , 2029 में मोदी सरकार का जाना तय है : विजय शंकर नायक



दुनिया में मोदी समर्थक नेताओं को मिले झटके, 2029 में मोदी सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत हैं।

विजय शंकर नायक ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों में मोदी समर्थक माने जाने वाले नेताओं को मिल रहे चुनावी हार भारतीय राजनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत हैं। यह संदेश देता है कि जनता किसी भी नेता को स्थायी सत्ता का अधिकार नहीं देती। भारत में भी 2029 का लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार के कामकाज, रोजगार, महंगाई, किसानों की स्थिति, संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेही जैसे मुद्दों पर महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा होगाऔर जनता भी इस जुमलाबज,नफरती सरककर को उखाड़ फेकने का कार्य करेगा .


नायक ने आगे कहा की न सत्ता का घमंड चलेगा, न जुमलों का व्यापार चलेगा, जनता जब अपना फैसला करेगी, सत्ता के समर्थन से नहीं, जनता के विश्वास से चलती है सरकार, 2029 में जनता के सवालों और जनादेश पर होगी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की चुनाव के बाद कमजोर हुई संसदीय स्थिति और अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिले मध्यावधि चुनावी झटके को वैश्विक राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। उन्होंने कहा कि इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 के चुनाव के बाद नेतन्याहू के गठबंधन को 120 सदस्यीय संसद में 53 सीटें मिलीं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 61 सीटों से कम हैं। वहीं अमेरिका के नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट में बढ़त हासिल की है। ये घटनाक्रम बताते हैं कि लोकतंत्र में सत्ता की लोकप्रियता का आकलन जनता समय-समय पर अपने मताधिकार से करती है।


नायक ने कहा कि भारत में भी 2029 का लोकसभा चुनाव लोकतांत्रिक जवाबदेही, संविधान, रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, सामाजिक न्याय और युवाओं के भविष्य जैसे मुद्दों पर व्यापक जनचर्चा का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को भी जनता के सवालों का जवाब देना होगा। केवल चुनावी नारों, राजनीतिक प्रचार और बड़े-बड़े दावों से जनता की अपेक्षाओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। भारत का लोकतंत्र दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक तंत्रों में से एक है। इसकी असली ताकत जनता का मताधिकार, संविधान और स्वतंत्र संस्थाएं हैं। 2029 में देश की जनता अपने अनुभव, सरकार के कामकाज और भविष्य की अपेक्षाओं के आधार पर भाजपा के खिलाफ अपना जनादेश देगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी नेता जनता से बड़ा नहीं होता और कोई भी सत्ता स्थायी नहीं होती। जनता ही सत्ता देती है और जनता ही उससे जवाब मांगती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *