किताबों से खुलेगी तरक्की की राह, आर्थिक कमजोर बच्चों का सहारा बनेगा लक्ष्य फाउंडेशन

15 नवंबर के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों पर किया गया विचार विमर्श

बच्चों को उच्च पदों तक पहुंचाने और कुरीतियों से मुक्ति का लिया संकल्प

अलीगंज।समाज की तरक्की केवल बड़े आयोजनों से नहीं, बल्कि बच्चों के हाथों में किताब और आंखों में बड़े सपने देने से होगी। इसी सोच को लेकर अमरोली रतनपुर स्थित श्रीराम रामस्वरूप रामबेटी शिक्षण संस्थान में लक्ष्य शिक्षा एवं राहत फाउंडेशन की बैठक हुई। बैठक में आगामी 15 नवंबर को प्रस्तावित अमरपाल सिंह लोधी आईआरएस के कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई साथ ही ब्लॉक स्तर पर अस्थायी टीम गठित कर कार्यक्रम की जिम्मेदारियां तय की गईं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि समाज की दिशा और दशा बदलने का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। जरूरत इस बात की है कि गांव-देहात के बच्चों को भी ऐसा माहौल और मार्गदर्शन मिले, जिससे वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकें। आज का विद्यार्थी कल प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सक, इंजीनियर, शिक्षक, अधिवक्ता या किसी अन्य महत्वपूर्ण पद पर पहुंचकर समाज का नाम रोशन कर सकता है।

बैठक में बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई को केवल नौकरी पाने का जरिया न समझें, बल्कि इसे समाज और राष्ट्र निर्माण की नींव मानें। बच्चों में मेहनत, अनुशासन, संस्कार और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना पैदा करना समय की जरूरत है। इसके साथ ही सामाजिक कुरीतियों, ढोंग-पाखंड और अंधविश्वास से दूर रहने का संदेश दिया गया। कहा गया कि जागरूक और शिक्षित समाज ही रूढ़ियों को पीछे छोड़कर प्रगति की ओर बढ़ सकता है। युवाओं को शिक्षा के साथ वैज्ञानिक सोच और सकारात्मक विचार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं करन सिंह राजपूत और एडवोकेट संजीव कुमार राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

बच्चों को सिर्फ पढ़ाना नहीं, आगे बढ़ाना है- कदम सिंह फौजी

संस्थान के संस्थापक कदम सिंह फौजी ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल विद्यालय चलाना नहीं, बल्कि ऐसे बच्चों को तैयार करना है जो भविष्य में समाज और देश की जिम्मेदारी संभाल सकें। उन्होंने कहा कि यदि एक बच्चे को सही शिक्षा और सही दिशा मिल जाए तो वह न केवल अपने परिवार की तस्वीर बदल सकता है, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है।

उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि गांव का बच्चा भी बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत से मेहनत करे। बच्चों के हाथ में किताब होगी तो उनका भविष्य मजबूत होगा और समाज भी मजबूत बनेगा। हमें आने वाली पीढ़ी को अंधविश्वास और कुरीतियों से निकालकर शिक्षा, संस्कार और जागरूकता की राह पर ले जाना है।

बैठक में प्रधानाचार्य प्रदीप राजपूत, अधिवक्ता संजीत राजपूत, अधिवक्ता रंजीत, अंकित, राजकिशोर मुनीम, डॉ. रामप्रकाश, करन सिंह, दीवान जी विनोद कुमार पीसी, सिंह फौजी, सुरेंद्र सिंह, सीपी मास्टर, उपेंद्र सिंह, अमित राजपूत, प्रधान विजयदेपुर मुकेश, प्रशांत, रामावतार सिंह, इंजीनियर जितेंद्र सिंह राजपूत, विजय सिंह, राजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह लोधी, नवाब सिंह राजपूत, शिवम राजपूत, वीरपाल सिंह राजपूत, बलवीर सिंह, कप्तान सिंह और डॉ. केशव मोहनलाल कुलदीप अमित शैलेंद्र भूपेंद्र विकास मधुसूदन मुकेश प्रियांशु लक्ष्मण मनोज अखिलेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

दिलीप सिंह मडल ब्यूरो एटा

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