करनैलगंज (गोंडा)। करनैलगंज बस अड्डे और आसपास के प्रमुख मार्गों पर डग्गामार वाहनों का संचालन लगातार जारी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और तहसील प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में डग्गामार वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।

डग्गामार वाहनों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए प्रदेश सरकार की ओर से ऐसे वाहनों पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद करनैलगंज क्षेत्र में इन निर्देशों का असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। बस अड्डे और प्रमुख मार्गों पर दिनभर डग्गामार वाहन सवारियां भरते नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहन निर्धारित स्थान के बजाय सड़क पर ही सवारियां बैठाते और उतारते हैं, जिससे मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन जाती है। इसका सबसे अधिक असर एंबुलेंस, स्कूली वाहनों और आम राहगीरों पर पड़ता है। कई बार जाम में एंबुलेंस के फंसने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मुख्य मार्गों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों पर भी डग्गामार वाहनों का संचालन होने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि यात्रियों की सुरक्षा के मानकों का भी पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
डग्गामार वाहनों के लगातार संचालन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि यदि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की नजर के सामने यह गतिविधि चल रही है तो प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से अभियान चलाकर डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने और यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि करनैलगंज बस अड्डे और आसपास के क्षेत्रों में डग्गामार वाहनों के खिलाफ प्रशासन कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है।
