कल्पना मिश्रा को न्याय मिले, दमन नहीं ; दोषियों पर कार्रवाई करे सरकार : आशीष तिवारी।

रीवा। प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों ने उपचार में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए एफआईआर और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस नेता आशीष तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध करना स्वाभाविक और संवैधानिक अधिकार है। अनुच्छेद 14 समानता, अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति एवं शांतिपूर्ण सभा और अनुच्छेद 21 जीवन व व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा का अधिकार देता है। ऐसे में न्याय मांग रहे परिवार की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री संवेदनशील मुद्दे पर मौन प्रतिज्ञा खत्म करें और निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराकर मौत का सच सामने लाए, दोषियों की जिम्मेदारी तय करे और परिवार को न्याय दे। जनता की आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होते—जवाबदेही और न्याय से ही लोकतंत्र मजबूत होता है।

तिवारी ने कहा यदि भाजपा सरकार और स्वास्थ्य मंत्री दमनकारी रुख से न्याय की आवाज को दबाने का काम करेंगे तो कांग्रेस पार्टी शोषित,पीड़ित,वंचित और असहाय वर्ग की आवाज राहुल गांधी के नेतृत्व में सड़क से सदन तक बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *