
संतकबीरनगर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर में श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। जिलाधिकारी अनुज मलिक ने सुबह आठ बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और छात्र-छात्राओं के साथ राष्ट्रगान गाया तथा देश की एकता, अखंडता और अहिंसा की शपथ दिलाई जिलाधिकारी अनुज मलिक, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सत्य प्रकाश और एडीएम (न्यायिक) चन्द्रेश कुमार सिंह समेत अधिकारियों व कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए डीएम ने कहा कि गांधी और शास्त्री के सिद्धांतों एवं आदर्शों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने गांधी जी के सत्य, अहिंसा और देशभक्ति तथा शास्त्री जी की सादगी, आत्मबल और साहस से सीख लेने का आह्वान किया। छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा को जीवन में सफलता और बेहतर चरित्र निर्माण का आधार बताया।एडीएम सत्य प्रकाश ने कहा कि पात्र लोगों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही महापुरुषों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। एडीएम न्यायिक चन्द्रेश कुमार सिंह ने सरकारी कर्मचारियों से आम नागरिकों की समस्याओं का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निस्तारण करने की अपील की।कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने राष्ट्रगान और देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। वरिष्ठ समाजसेवी एवं पत्रकार शिव कुमार गुप्ता समेत अन्य वक्ताओं ने गांधी और शास्त्री के जीवन, सिद्धांतों और उनकी प्रासंगिकता पर विचार रखे।इसके बाद जिलाधिकारी, एडीएम वित्त एवं राजस्व और एडीएम न्यायिक ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण कर अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया। इस दौरान वरिष्ठ कोषाधिकारी त्रिभुवन लाल, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी चन्द्रशेखर यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी सतीश कुमार, प्रशासनिक अधिकारी बद्री प्रसाद श्रीवास्तव, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
