नवनीत कुमार सिंह मोतिहारी
मोतिहारी।हरसिद्धि थाना और डायल-112 की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 20 लाख रुपये के जाली भारतीय नोटों के साथ एक शातिर तस्कर को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किया है, जबकि छापेमारी के दौरान एक अन्य ठिकाने से 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
वाहन चेकिंग के दौरान हत्थे चढ़ा आरोपी मिली जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 की संध्या में हरसिद्धि डायल-112 को गुप्त सूचना मिली थी कि यूपी नंबर की एक फॉर्च्यूनर और एक नेक्सन कार में सवार होकर कुछ संदिग्ध मोतिहारी से अरेराज की तरफ जा रहे हैं, जो जाली नोटों की हेराफेरी करने वाले गिरोह के सदस्य हैं।

मोतिहारी पुलिस अधीक्षक, स्वर्ण प्रभात के निर्देश और अरेराज अनुमंडल पुलिस पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हरसिद्धि थाना अध्यक्ष सुनील कुमार टीम ने मानिकपुर चौक के पास वाहन चेकिंग शुरू की।चेकिंग के दौरान यूपी नंबर की फॉर्च्यूनर कार तेजी से निकल भागी, जबकि उसके पीछे आ रही नेक्सन गाड़ी को जब रोका गया तो उसमें सवार एक व्यक्ति बैग लेकर भागने लगा।
पुलिस बल ने खदेड़कर उसे दबोच लिया, हालांकि नेक्सन का चालक मौके से फरार होने में सफल रहा।19 लाख 98 हजार से अधिक के जाली नोट बरामद पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम रोहित कुमार शाही उम्र-35 वर्ष, पिता- हरेराम शाही, ग्राम व थाना- बरहलगंज, जिला- गोरखपुर, उत्तर प्रदेश बताया। उसके बैग की तलाशी लेने पर 500 रुपये के कुल 3,997 जाली नोट (40 बंडलों में) बरामद किए गए, जिनका कुल मूल्य 19,98,500 रुपये है।
पूछताछ में आरोपी कोई वैध कागजात या पैसे का वैध स्रोत नहीं बता सका।गोरखपुर और बेतिया तक जुड़े हैं तार थाने में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने खुलासा किया कि फॉर्च्यूनर और नेक्सन से भागने वाले अन्य सभी 3 लोग भी गोरखपुर के ही रहने वाले हैं।ये लोग बेतिया से जाली नोटों का कारोबार चलाते थे और पहले भी असली नोटों की आड़ में जाली नोट खपाकर भारी मुनाफा कमा चुके हैं।
आरोपी सोनू सिंह के मोबाइल से जाली नोटों की गड्डियों के वीडियो और चैट भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज पर कार्रवाई करते हुए बेतिया में छापेमारी की, जहां गिरोह के सक्रिय सदस्य अशोक मिश्रा सा०- बेलवा, थाना- बानूछापर, जिला- पश्चिम चम्पारण के घर से 350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। फरार अशोक मिश्रा पर पहले से ही आधा दर्जन मामले दर्ज हैं, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
