नवयुग समाचार | बहराइच
जनपद बहराइच में पुलिस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कोतवाली मूर्तिया क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस कर्मी पर वसूली, मारपीट और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्राम कोलियाहार, मधवापुर निवासी सुनीता पत्नी महेश कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 15 अप्रैल को एक पारिवारिक विवाद के मामले में उन्हें बुलाया गया था।
महिला का आरोप है कि जब वह अपने पति के साथ जा रही थीं, तभी कोतवाली मूर्तिया से करीब 2 किलोमीटर पहले रास्ते में विपक्षी पक्ष के लोगों ने उन्हें रोक लिया। “समझौते” के नाम पर ₹10,000 की मांग की गई और दबाव बनाकर उनसे ₹7,000 वसूल लिए गए।
पीड़िता के अनुसार, किसी तरह कोतवाली पहुंचने पर वहां मौजूद सिपाही ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि सिपाही ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की, उनके पति के साथ भी बदसलूकी की और मोबाइल फोन छीनकर महत्वपूर्ण डाटा डिलीट कर दिया।
इतना ही नहीं, दोनों को पूरे दिन बैठाए रखने के बाद 107/116/151 की कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया गया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने वसूले गए पैसे वापस मांगे, तो उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जेल भेजने की धमकी दी गई।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बड़ा सवाल यह है कि क्या कोतवाली तक पहुंचने से पहले ही इस तरह की “वसूली व्यवस्था” सक्रिय हो जाती है? यह मामला पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
