अलीगंज में दूसरे दिन भी महिला आक्रोश चरम पर, बाजार से चौराहे तक गूंजे विरोध के स्वर

विधायक की कोठी से निकली पदयात्रा, गांधी चौराहे पर पुतला दहन कर जताया रोष

अलीगंज। महिला शक्ति का उफान अलीगंज में गुरुवार को भी थमता नजर नहीं आया। बुधवार की आक्रोश पदयात्रा के बाद दूसरे दिन भी महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर अपने तेवर और कड़े कर दिए।

विधायक सत्यपाल सिंह राठौड़ की कोठी से शुरू हुई महिला जन आक्रोश पदयात्रा मैन बाजार से होते हुए गांधी चौराहे तक पहुंची, जहां महिलाओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विपक्ष का पुतला दहन किया। पूरे मार्ग में महिलाओं के अधिकारों पर वार नहीं सहेंगे और 33 प्रतिशत आरक्षण हमारा अधिकार है जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा।

इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में तख्तियां लेकर शामिल हुईं और अपने हक की मांग को लेकर मुखर नजर आईं। बाजार क्षेत्र में पदयात्रा के दौरान आमजन भी रुककर इस प्रदर्शन को देखने लगे। महिलाओं का जोश और आक्रोश दोनों ही चरम पर दिखाई दिया। महिला शक्ति की यह पदयात्रा व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ती रही। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने रुककर नारेबाजी की और अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का मुद्दा प्रमुख रूप से केंद्र में रहा।

महिलाओं का कहना था कि यह उनका अधिकार है और इसे हर हाल में लागू कराया जाएगा। गांधी चौराहे पर पहुंचकर महिलाओं ने एकजुट होकर विपक्ष के खिलाफ विरोध जताया और पुतला दहन किया। इस दौरान माहौल पूरी तरह आक्रोशपूर्ण बना रहा और नारेबाजी देर तक जारी रही। पूरे आयोजन में महिलाओं ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अब वे केवल दर्शक नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली सशक्त शक्ति बन चुकी हैं। प्रदर्शन के अंत में महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि यदि उनके अधिकारों की अनदेखी की गई, तो यह आंदोलन आगे और तेज किया जाएगा।

मुख्य अतिथि जिला उपाध्यक्ष कुमारी आशीष राजपूत ने अपने संबोधन में कहा कि अब महिलाओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक 33% आरक्षण पूरी तरह लागू नहीं हो जाता। जो भी महिला अधिकारों में बाधा बनेगा, उसे राजनीतिक रूप से करारा जवाब दिया जाएगा।

सहसंयोजक प्रदेश दिनेश चंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि महिला शक्ति अब केवल समर्थन की प्रतीक नहीं, बल्कि नेतृत्व की धुरी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि 33% आरक्षण महिलाओं का अधिकार है, जिसे किसी भी सूरत में रोका नहीं जा सकता। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनकी नीतियों के कारण ही महिलाओं को उनका हक नहीं मिल पाया।

मंडल अध्यक्ष एवं संयोजक विमल कुमार गुप्ता ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक दिन की प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि महिलाओं के हक की लंबी लड़ाई का आगाज है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए संगठन पूरी मजबूती से खड़ा है। आक्रोश पदयात्रा के दौरान नीरज शाक्य, विजय कुमारी, ललिता दिवाकर, सुनील कठेरिया, ललिता, रीना, अर्जुन कश्यप, विजय शाक्य, फेरू सिंह राठौर, सुनील शर्मा सहित मातृशक्ति मौजूद रही।

दिलीप सिंह मंडल ब्योरों एटा उत्तर प्रदेश

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