सीएमओ के औचक निरीक्षण में मिली लापरवाही, एचवी समेत दो कर्मचारी अनुपस्थित; कम प्रसव पर भी जताई नाराजगी


राजा का रामपुर न्यू पीएचसी में मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का किया निरीक्षण, चार दिन का वेतन काटने के निर्देश; संस्थागत प्रसव नहीं बढ़ने पर कार्रवाई की चेतावनी


अलीगंज। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) एटा डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने रविवार को राजा का रामपुर स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (न्यू पीएचसी) में आयोजित मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, साफ-सफाई, ओपीडी व्यवस्था एवं संस्थागत प्रसव की स्थिति का गहनता से जायजा लिया।


निरीक्षण के दौरान एक हेल्थ विजिटर (एचवी) और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। ड्यूटी से गैरहाजिर रहने को गंभीर लापरवाही मानते हुए सीएमओ ने दोनों कर्मचारियों के चार दिन का वेतन काटने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सीएमओ ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, टीकाकरण कक्ष, प्रसव कक्ष और विभिन्न अभिलेखों की जांच की। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी।
संस्थागत प्रसव की कम संख्या पर जताई नाराजगी


निरीक्षण के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्वास्थ्य केंद्र पर संस्थागत प्रसव की समीक्षा की। समीक्षा में पाया गया कि राजा का रामपुर न्यू पीएचसी पर अपेक्षाकृत बहुत कम प्रसव हो रहे हैं। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मी क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव कराने के लिए जागरूक करें और उन्हें स्वास्थ्य केंद्र तक लाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संस्थागत प्रसव की संख्या में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
सीएमओ ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में आने वाले मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, समय पर जांच, दवा वितरण और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


सीएमओ के औचक निरीक्षण, कर्मचारियों के वेतन कटौती के निर्देश और संस्थागत प्रसव को लेकर दी गई सख्त चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में पूरे दिन हड़कंप की स्थिति बनी रही।

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